शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर एसआईआर को लेकर गंभीर आरोप न सिर्फ लगाया बल्कि प्रशासन को इसका लिखित ज्ञापन भी सौंपा। आरोप लगाया कि जो नाम काटने के प्रार्थना पत्र दिए गए उसमें ज्यादातर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं। दरअसल शुक्रवार को सुबह अचानक पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी.कल्ला, भंवर सिंह भाटी, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, शहर अध्यक्ष मदन मेघवाल, पूर्व अध्यक्ष यशपाल गहलोत, शिवलाल गोदारा, प्रहलादसिंह मार्शल, मकसूद अहमद, नितिन वत्सस, चेतना चौधरी,शशिकला राठौड़, राहुल जादूसंगत, शांति बेनीवाल समेत दर्जनों कार्यकर्ता एडीएम के पास पहुंचे। ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल एक साथ 10 फार्म ही जमा कर सकते हैं। उसमें पूरे साक्ष्य लिखे जाते हैं मगर खबर मिली कि एसडीएम कार्यालय में नियम विरुद्ध एक मुश्त फार्म संख्या 6 और 7 जमा करा रहे हैं जो नियम विरुद्ध हैं। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे जिले में फार्म संख्या 6,7 और 8 की सूची कांग्रेस को उपलब्ध कराई जाए ताकि सच्चाई सामने लाई जाए। एक राजनीतिक दल की ओर से जमा कराए गए फार्म को संज्ञान में ना लिया जाए। कांग्रेस का आरोप है कि फार्म 7 नाम कटवाने और फार्म 6 नाम जुड़वाने के लिए गए हैं। कमोबेस ऐसा ही ज्ञापन देहात कांग्रेस ने भी प्रशासन को सौंपा। कांग्रेस ने सीधा वोट कटवाने के लिए भाजपा को घेरा कांग्रेस एसआईआर को लेकर कई राज्यों में विरोध कर चुकी है। अब तक कांग्रेस ने एसआईआर को लेकर सीधे अपनी विरोधी पार्टी पर आरोप नहीं लगाया मगर शुक्रवार को फार्म 6 और 7 का दावा लेकर अब सीधे तौर पर भाजपा को घेरा है। अब तक कांग्रेस ठोस तरीके से विरोध नहीं कर रही थी मगर फार्म 6 और फार्म 7 का मुद्दा उठाकर अब सीधे हमला बोला है। फार्म 6 का मतलब कि किसी नए व्यक्ति का नाम जुड़वाना माना जाता है। यानी यहां कांग्रेस कह रही भाजपा कुछ नाम जुड़वाने में लगी है। फार्म 7 का मतलब नाम कटवाने और यहां कांग्रेस का मतलब कि उनके समर्थकों के नाम काटे जा रहे हैं। फार्म 8 का मतलब मतदाता सूची की शुदि्ध जिसमें कांग्रेस का तर्क है कि बदलाव की प्रक्रिया से अवगत कराया जाए।


