पुशांत मोदगिल | लुधियाना औद्योगिक नगरी लुधियाना अब भक्ति और शक्ति के अनूठे संगम के लिए तैयार है। नए साल का पहला गुप्त नवरात्र इस बार साधारण नहीं, बल्कि महायोगों की सौगात लेकर आ रहा है। पं. राजीव शर्मा के अनुसार 19 जनवरी से शुरू होकर 27 जनवरी तक चलने वाले इन 9 दिनों में लुधियाना के साधक 10 महाविद्याओं की गुप्त साधना करेंगे। पं. राजीव शर्मा बताते हैं कि इस बार ग्रहों की स्थिति ऐसी है कि जो काम वर्षों से अटके थे, वे इन 9 दिनों में संकल्प मात्र से पूरे हो सकते हैं। हिंदू धर्म में वर्ष में चार नवरात्रि आती हैं। इनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि प्रकट हैं, जबकि माघ और आषाढ़ की नवरात्रि गुप्त कहलाती हैं। पंडित के अनुसार, दोनों में मुख्य अंतर उद्देश्य और पद्धति का है। प्रकट नवरात्रि सामाजिक उत्सव है, जहां गृहस्थ सुख-शांति के लिए मां दुर्गा के नौ रूपों की सात्विक पूजा करते हैं। इसके विपरीत गुप्त नवरात्रि तांत्रिकों और साधकों के लिए होती है, जिसमें 10 महाविद्याओं की गोपनीय साधना कर विशेष सिद्धियां प्राप्त की जाती हैं। यहां कठोर संयम और मौन साधना का विशेष महत्व है। योगों का चार्ट के अनुसार तिथि: {20 जनवरी (द्विपुष्कर/राजयोग) निवेश के लिए उत्तम। {22 जनवरी (रवि योग) सरकारी कार्यों में सफलता। {25 जनवरी (सर्वार्थ सिद्धि) भूमि-भवन की खरीदारी। क्या करें, क्या न करें : { करें: घर के ईशान कोण में कलश स्थापित करें। सात्विक भोजन और गुप्त दान करें। {न करें: इन 9 दिनों में घर में कलह न होने दें और अपनी साधना का दिखावा बिल्कुल न करें। इस बार नवरात्र की शुरुआत और समापन दोनों ही सर्वार्थ सिद्धि योग में हो रहे हैं। पंडित का मानना है कि व्यापारिक दृष्टिकोण से यह गोल्डन पीरियड है। {शुरुआत (19 जनवरी): सोमवार को कुमार और सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ। {समापन (27 जनवरी): मंगलवार को सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ ही पूर्णाहुति। शहर के मंदिरों जैसे श्री दुर्गा माता मंदिर जगराओं पुल, श्री नवदुर्गा मंदिर सराभा नगर और दरेसी क्षेत्र के मंदिरों में कलश स्थापना के लिए पंडित ने निम्नलिखित शुभ मुहूर्त बताए हैं। {अमृत मुहूर्त: सूर्योदय से सुबह 08:40 बजे तक। {शुभ चौघड़िया: सुबह 09:59 से 11:18 बजे तक। {अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:15 बजे (सबसे श्रेष्ठ)।


