भास्कर न्यूज | तमता पत्थलगांव विकासखंड में लोक निर्माण विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ग्राम पंचायत चंदागढ़ से तमता तक करीब 2.17 करोड़ रुपए की लागत से बन रही 2.7 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के महज एक महीने के भीतर ही जर्जर होने लगी है। सड़क की हालत देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने ठेकेदार पर घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क की मांग वे पिछले कई वर्षों से कर रहे थे। बरसात के मौसम में कच्ची सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती थी, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता था। चंदागढ़, बटुराबहार और भैंसामुड़ा जैसे गांवों के लोगों को खासकर बारिश के दिनों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में काफी दिक्कतें होती थीं। शासन द्वारा इस समस्या को देखते हुए सड़क निर्माण के लिए करोड़ों रुपए स्वीकृत किए गए थे। कुछ महीने पहले इस सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उन्हें कीचड़ और बदहाल रास्तों से मुक्ति मिलेगी। लेकिन लुड़ेग-तमता मंडल अध्यक्ष और ग्रामीणों ने बताया िक महज दो सप्ताह पहले हुए डामरीकरण के बाद ही सड़क की परतें उखड़ने लगी हैं। कई स्थानों पर सड़क के किनारे टूट गए हैं और डामर जगह-जगह से निकल रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में लोक निर्माण विभाग के एसडीओ एस.के. पैकरा ने बताया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इंजीनियर को मौके पर भेजकर भौतिक सत्यापन और जांच कराई जाएगी। यदि जांच में निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो संबंधित एजेंसी पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


