बड़वानी | आधुनिक 21वीं शताब्दी के भारत में मानसिक स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण लेकिन उपेक्षित विषय रहा है। उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर जिला टास्क फोर्स के माध्यम से इसे प्रत्येक विभाग के संज्ञान में लाया गया। शुक्रवार को शहर प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में मानसिक स्वास्थ्य विषय पर स्टॉफ स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. दिनेश वर्मा ने विद्यार्थियों व स्टॉफ दोनों स्तरों पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने व रचनात्मक वातावरण सृजन का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान संयम व शांति से करने व पालक बैठक का महत्व बताया। बढ़ते नशा, अवसाद व ट्रॉमा की समस्याओं पर तत्काल कार्ययोजना बनाने का सुझाव दिया। नोडल अधिकारी डॉ. पुष्पा चौहान ने सभी मेंटर्स को प्रत्येक माह की 8 तारीख तक मेंटी/विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।


