बड़वानी | एसबीएन शासकीय पीजी कॉलेज में वनस्पति विभाग से संचालित इको क्लब की कार्यशाला के छठवें दिन शुक्रवार को विद्यार्थियों को पारंपरिक औषधीय ज्ञान से रूबरू कराया गया। बोकराटा पहाड़ी क्षेत्र के जड़ी‑बूटी विशेषज्ञ भगत पटेल ने विभिन्न औषधीय पौधों की प्रदर्शनी लगाकर उनके औषधीय गुणों की जानकारी दी। उन्होंने बोकराटा, पाटी, तोरणमाल व पानसेमल अंचल में पाई जाने वाली कई दुर्लभ एवं उपयोगी जड़ी‑बूटियों की पहचान, उपलब्धता का समय, संग्रहण की सही विधि व विभिन्न रोगों में उनके प्रयोग के बारे में रोचक व व्यावहारिक जानकारी साझा की। पटेल ने बताया कि अक्कल फूल खांसी‑सर्दी में अत्यंत लाभकारी होता है, वहीं जंगली कपास कमर दर्द में उपयोगी है। जिरनी और बुकली एसिडिटी के इलाज में सहायक हैं। गर्मी से होने वाली एलर्जी में सेलीकराव पौधे की जड़ का प्रयोग किया जाता है। जंगली अदरक टीबी व पीलिया रोग में लाभकारी है, बड़ी पुहाड़ के बीज व नागपंथी औषधि सर्पदंश में उपयोग है। उल्टी में खून आने की अवस्था में ब्राह्म पत्री का उपयोग बताया। याददाश्त बढ़ाने, कमर दर्द, एसिडिटी व पेट से संबंधित विभिन्न रोगों के इलाज में कई आयुर्वेदिक औषधियों व उनके मिश्रण की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजमलसिंह राव ने किया।


