भास्कर न्यूज| महासमुंद परीक्षा के बढ़ते दबाव और युवाओं में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए शासकीय डीएमएस स्कूल महासमुंद में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा पूर्व तनाव प्रबंधन और आत्महत्या रोकथाम के प्रति जागरूक करना था। कार्यशाला में कुल 85 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता राम गोपाल खूंटे ने कार्यशाला में बताया कि अक्सर परीक्षा के समय छात्र-छात्राओं का मानसिक संतुलन बिगड़ने लगता है, जिससे वे पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते और बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं। कई बार रिजल्ट खराब होने के डर से विद्यार्थियों के मन में नकारात्मक विचार और आत्महत्या जैसे गलत कदम उठाने की भावना आने लगती है। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करना अनिवार्य है ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर अपना भविष्य संवार सकें। विद्यार्थियों को तनाव से मुक्त करने में पेरेंट्स और टीचर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह उम्र शारीरिक और मानसिक उथल-पुथल की होती है, जिसमें शिक्षकों और अभिभावकों का सकारात्मक व्यवहार बहुत जरूरी है। पढ़ाई के साथ-साथ मनोरंजन, खेल, संगीत, व्यायाम, योग और ध्यान को दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। नशे की लत, गेमिंग और मोबाइल का अत्यधिक उपयोग मानसिक तनाव को बढ़ा सकता है, जिससे बचना चाहिए। बच्चों को मोबाइल उपयोग समय – समय पर ही करने दे। उनके पढ़ाई के लिए समय सारणी बनाएं और उन्हें किताबों में अधिक समय बिताने के लिए कहे। मानसिक रूप से बच्चों को तैयार करने में पालकों की भूमिका बड़ी है। टेली-मानस हेल्पलाइन : 14416 पर मिलेगी 24 घंटे मदद: सीनियर नर्सिंग ऑफिसर खोमन लाल साहू ने बताया कि यदि कोई विद्यार्थी तनाव या मानसिक परेशानी महसूस करता है, तो वह सरकार की टेली-मानस सेवा (हेल्पलाइन नंबर 14416) पर 24 घंटे विशेषज्ञों से परामर्श ले सकता है। इसके अलावा नजदीकी मेडिकल कॉलेज या जिला अस्पताल में भी सहायता ली जा सकती है।


