भास्कर न्यूज| महासमुंद जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा की अध्यक्षता में महासमुंद विकासखंड के संकुल समन्वयकों की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और प्रशासनिक कार्यों में गति लाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण रही। बैठक में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। शर्मा ने अपार आईडी से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि स्कूल स्तर पर लंबित सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं। जो सुधार स्कूल स्तर से संभव नहीं हैं, उन्हें फॉर्म-3 में भरकर बीआरसी कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करना है। सत्र के आय-व्यय की समीक्षा के दौरान कई संकुलों एवं विद्यालयों द्वारा प्राप्त राशि का व्यय नहीं किए जाने पर उन्होंने चिंता व्यक्त की। साथ ही छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों का पालन करते हुए शीघ्र व्यय करने के निर्देश दिए। शाला त्यागी बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाकर पालकों से संपर्क कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने के निर्देश दिए गए। दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाकर उनका यू-डाइस पोर्टल में पंजीकरण अनिवार्य कराने पर भी जोर दिया गया। डी-ग्रेड विद्यालयों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत अंकेक्षण के लिए नियुक्त सदस्यों से अपेक्षा की गई कि वे विद्यालयों के शैक्षणिक उत्थान में सक्रिय योगदान दें। साथ ही चल रहे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं हैंडओवर प्रमाण पत्र के साथ अंतिम किस्त हेतु फाइल बीआरसी में जमा करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर बीआरपी अनिता निर्मलकर, लेखापाल रेणु चन्द्राकर, स्पेशल एजुकेटर तुलसी साहू सहित संकुल समन्वयक उपस्थित थे। अर्धवार्षिक परीक्षा के बाद पालक मेगा बैठक की तैयारी अर्धवार्षिक परीक्षा के बाद पालक-मेघा बैठक की तैयारी करने, विद्यार्थियों के ग्रेड की समीक्षा कर कम ग्रेड प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाने और शिक्षकों को गतिविधि-आधारित टीएलएम के माध्यम से रोचक अध्यापन कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक का संचालन बीआरसीसी जागेश्वर सिन्हा ने किया। आभार प्रदर्शन तारिका कुंजाम, एबीईओ महासमुंद द्वारा किया गया।


