हाड़ कंपाने वाली सर्दी में REET लेवल प्रथम के एग्जाम में शनिवार को अलवर के 64 परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थी कंपकंपाते हुए पहुंचे। कुछ तो स्वेटर व जैकेट पहनकर सुबह 8 बजे एग्जाम सेंटर में घुसे। कुछ ने पहले ही उतार कर जमा करा दिया। इस कारण स्वेटर उतारकर आने वालों को पूरा एग्जाम धूजते हुए देना पड़ा। जबकि गाइडलाइन में ये लिखा था कि जूते, स्वेटर व जैकेट पहनकर जा सकते हैं। लेकिन कोई मेटल नहीं होना चाहिए। कुछ की जैकेट पर मेटल वाले बटन थे। उनको मुंह से बटन तोड़ने पड़े महिलाओं को कंगन उतारने में खूब मशक्कत करनी पड़ी। कोटपूतली से आए अथ्यर्थी सोनू ने कहा कि मेटल ले जाने की अनुमति नहीं है। लेकिन जैकेट व स्वेटर पहनकर जा सकते हैं। प्रवेश पत्र पर निर्देश में साफ लिखा है कि मेटल नहीं लगा हो। ऐसे जैकेट व जूते पहनकर जा सकते हैं। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने साफ निर्देश दिए हैं। फिर भी कुछ अभ्यर्थी अपने आप ही स्वेटर उतार कर पहुंचे। कुछ को मेटल के बटन के कारण जैकेट उतारने पड़े। अलवर में पहले दिन 18 हजार अभ्यर्थी अलवर में रीट लेवल प्रथम में करीब 18 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। अलवर के बाहर के जिलों से आने वाले अभ्यर्थी एक दिन पहले आ गए थे। कुछ सुबह-सुबह पहुंचे हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि सर्दी अधिक है। इस कारण अलाव तापने में लगे हैं। अभ्यर्थी राजेंद्र ने बिना स्वेटर पहने बैठा मिला। उसने बताया कि पहले ही स्वेटर उतार दी। आगे पता नहीं उतारनी पड़े। सिक्के, पेन के ढक्कन, बटन, घड़ी, चाबी सब बाहर बाइक से आने वाले अभ्यर्थियों की बाइक की चाबी, घड़ी, स्वेटर के बटन, पेन के ढक्कर सब बाहर की रखवा लिए। कुछ दुकान पर रखकर गए। कुछ ने बाइक की चाबी को भी गेट के पास ही पेड़ की टहनी पर टांग दी। महिलाओं को शॉल उतारने पड़े। कुछ के स्वेटर पर मेटल के बटन थे। इसलिए स्वेटर उतारनी पड़ी। सुबह 9 बजने से पहले सब अभ्यर्थियों को कमरे में प्रवेश दे दिया गया। 10 बजे से एग्जाम शुरू हुआ। अब 18 जनवरी से 20 जनवरी तक सैकंड लेवल के एग्जाम होंगे। दोनों एग्जाम में करीब 70 हजार अभ्यर्थी अलवर में पंजीकृत हैं।


