रिसाली नगर निगम में सफाई कर्मचारियों का हंगामा:टेंडर अवधि खत्म होने पर महापौर ने दो महीने बढ़ाया

रिसाली नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को बड़ा हंगामा हुआ। सैकड़ों सफाई कर्मचारी महापौर शशि सिन्हा के निवास पर पहुंचे। उनकी नाराजगी का कारण 15 जनवरी 2026 को समाप्त हुए सफाई टेंडर की अवधि और नए टेंडर प्रक्रिया में देरी थी। ठेकेदार द्वारा काम बंद करने की सूचना दिए जाने से कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। ठेकेदार के निर्देश पर कर्मचारियों को काम बंद करना पड़ा, जिससे दैनिक मजदूरी पर निर्भर इन श्रमिकों के लिए आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया। इस स्थिति ने शहर की सफाई व्यवस्था को भी प्रभावित करने का खतरा पैदा कर दिया था। दरअसल, महापौर शशि सिन्हा ने गुरुवार रात को ही मौखिक रूप से दो महीने के लिए सफाई टेंडर बढ़ाने का निर्णय लिया था। हालांकि, इस निर्णय की जानकारी न तो ठेकेदार को लिखित रूप में मिली और न ही सफाई कर्मचारियों तक समय पर पहुंच सकी। इसी भ्रम की स्थिति के कारण शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में कर्मचारी महापौर निवास पर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। महापौर ने कर्मचारियों की नाराजगी और स्थिति की गंभीरता को समझा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई टेंडर से संबंधित पत्राचार नगर निगम अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, महापौर ने तत्काल प्रभाव से सफाई टेंडर को दो महीने के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। महापौर शशि सिन्हा ने कहा, “शहर की सफाई मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी हालत में सफाई व्यवस्था को ठप नहीं होने दिया जाएगा। कर्मचारियों की रोजी-रोटी हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है।” सफाई टेंडर के ठेकेदार जहीर खान ने बताया कि पिछले दो महीनों से वे लगातार टेंडर बढ़ाने के लिए पत्राचार कर रहे थे। उन्होंने महापौर स्तर पर निर्णय लेने में देरी की ओर इशारा किया और कहा कि समय पर निर्णय न होने के कारण ही शुक्रवार को यह विवाद उत्पन्न हुआ।

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