जैसलमेर में शुक्रवार सुबह से ही स्वर्ण नगरी के आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। ठंडी हवाओं और बादलों के डेरे के कारण दिन के पारे में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को दिन में हल्की ठिठुरन का एहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, इस विक्षोभ का असर शनिवार और रविवार को भी बना रहेगा। हालांकि सिस्टम कमजोर होने के कारण बारिश की संभावना कम है, लेकिन ठंडी हवाओं से दिन के तापमान में और गिरावट आ सकती है। आगामी दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की और वृद्धि हो सकती है, जिससे रात की कड़ाके की सर्दी से राहत बरकरार रहेगी। बादलों की आवक से सूरज की तपिश हुई कम शुक्रवार को दिन भर सूर्य देवता और बादलों के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा। जहां बादलों ने सूरज की तपिश को कम किया, वहीं रात के तापमान में 2 डिग्री की बढ़ोतरी ने लोगों को गलन वाली सर्दी से बड़ी राहत दी। अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक रहा। दिन और रात के पारे में 17 डिग्री का बड़ा फासला देखा गया। खेती और सेहत पर असर किसानों के लिए यह मौसम मिला-जुला प्रभाव लेकर आया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की ठंड फसलों के लिए अमृत समान है, लेकिन यदि लंबे समय तक बादल छाए रहते हैं, तो फसलों में कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। दूसरी ओर, बदलते मौसम ने स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाला है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों की तादाद बढ़ गई है। शनिवार व रविवार को भी रहेगा असर मौसम विभाग के अनुसार, इस विक्षोभ का असर शनिवार और रविवार को भी बना रहेगा। हालांकि सिस्टम कमजोर होने के कारण बारिश की संभावना कम है, लेकिन ठंडी हवाओं से दिन के तापमान में और गिरावट आ सकती है। आगामी दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की और वृद्धि हो सकती है, जिससे रात की कड़ाके की सर्दी से राहत बरकरार रहेगी।


