दतिया मेडिकल कॉलेज में हुआ तिल्ली का जटिल ऑपरेशन:ऑटोलॉगस ट्रांसफ्यूजन कर बचाई मरीज की जान

दतिया मेडिकल कॉलेज में पहली बार तिल्ली का सफल ऑपरेशन कर मरीज को राहत दी गई है। डॉक्टरों की टीम को इस ऑपरेशन में करीब दो घंटे लग गए। अब मरीज की हालत में सुधार है। मेडिकल कॉलेज के जन संपर्क अधिकारी डॉ मुकेश शर्मा ने बताया, 13 दिसंबर को मरीज प्रीतम पाल (52) निवासी गांव झाड़ियां को मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग भर्ती किया गया था। मरीज को 11000 वॉल्ट का करंट लगने से पेट में चोट लग गई थी। अल्ट्रासाउंड करने पर पता चला कि मरीज के तिल्ली बहुत ज्यादा फट गई हैं और उसके पेट में बहुत ज्यादा खून जमा हो गया हैं। उसे सांस लेने में तकलीफ और असहनीय दर्द हो रहा था। मरीज के शरीर में खून की मात्रा भी काफी कम हो गई थी। लेकिन खून की व्यवस्था में काफी परेशानी आ रही थी। ऐसे में डॉ केदारनाथ आर्य और उनकी टीम ने ऑटो ट्रांसफ्यूजन करने का प्लान किया। इस प्रक्रिया के तहत मरीज के पेट का खून मरीज को एक विशेष टेक्नीक से मरीज को चढ़ाया जाता है। इससे मरीज को कम खून चढ़ाने की जरूरत होती हैं और इमरजेंसी में मरीज की जान बचाई जाती है। ऑपरेशन में मरीज की फटी हुई तिल्ली को निकाला गया और सफल ऑपरेशन किया गया।

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