बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो गया। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने आयोजन को लेकर पहले से ही व्यापक तैयारियां की थीं, जिससे पूरे महोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रही। श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा गया। महोत्सव स्थल और आसपास के क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से 1000 से अधिक पुलिस बल तैनात किया गया था। ड्रोन और सीसीटीवी से की गई निगरानी सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी दो ड्रोन कैमरों से लगातार की गई, वहीं सभी एंट्री पॉइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, ताकि लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके। एसपी ने खुद संभाली सुरक्षा की कमान सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने संभाली। वे तीनों दिन पूरे क्षेत्र में सक्रिय रहकर सुरक्षा प्रबंधों की निगरानी करते रहे। उनके साथ 25 से अधिक निरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहे। अस्थाई कंट्रोल रूम और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्थाई पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किए गए थे, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। महोत्सव के अंतिम दिन भोजपुरिया कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों के दौरान भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। दिन के साथ-साथ रात में भी बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे, लेकिन पुलिस प्रशासन की सतर्कता से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। फ्लैग मार्च और मॉक ड्रिल से बढ़ाई गई सतर्कता महोत्सव से पूर्व पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला गया था। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई थी। कलेक्टर ने भी की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने तीनों दिन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की। उन्होंने दिन-रात विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया। अन्य जिलों से भी बुलाया गया अतिरिक्त पुलिस बल तातापानी महोत्सव के लिए बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के पुलिस बल के अलावा जशपुर, सरगुजा और सूरजपुर जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।


