भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय जैविक प्रमुख पद्मश्री हुकम पाटीदार ने हाल ही में खरगोन जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम और जिला समिति की बैठकों में भाग लिया। उन्होंने जिले में बड़े पैमाने पर हो रही रासायनिक खेती पर चिंता व्यक्त की और कृषि नीति के अभाव को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। जिला बैठक में पाटीदार ने कहा कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, व्यापार और राजनीति के लिए नीतियां बना रही है, लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि संबंधी निर्णय ‘एसी के बंद कमरों’ में लिए जा रहे हैं, जिससे किसानों की जमीनी समस्याओं की अनदेखी हो रही है। उन्होंने किसान प्रतिनिधियों से जैविक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया ताकि कृषि को बचाया जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने गांव स्तर पर संगठन के विस्तार और मासिक रूप से नियमित बैठकें आयोजित करने पर भी चर्चा की। पाटीदार ने खरगोन जिले की कृषि प्रधान समस्याओं को समझने का प्रयास किया। उन्होंने खाद और बीज की उपलब्धता, भारतीय कपास निगम द्वारा खरीदी की स्थिति और सिंचाई परियोजनाओं के बारे में जानकारी ली। किसान प्रतिनिधियों ने उन्हें योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और अनियमितताओं से अवगत कराया। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश पाटीदार, रेवाराम भायडिया, धर्मचंद गुर्जर, प्रांतीय वाहिनी संयोजक श्यामसिंह पवार, जिलाध्यक्ष सदाशिव पाटीदार, सीताराम पाटीदार, वासुदेव चौधरी, जगदीश पाटीदार, मुकेश पटेल सहित कई जिला व तहसील पदाधिकारी मौजूद थे। पाटीदार ने पांच ग्राम समितियों में भारतीय किसान संघ के बोर्ड का लोकार्पण भी किया। इस दौरान किसान प्रतिनिधियों ने जगह-जगह उनका स्वागत किया।


