शाहनगर धान खरीदी केंद्र पर व्याप्त अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के आरोपों से आक्रोशित किसानों ने चक्काजाम की चेतावनी दी है। शनिवार, 17 जनवरी को बड़ी संख्या में किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि पांच दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर धान रखकर चक्काजाम करेंगे। किसानों ने ज्ञापन में तीन प्रमुख समस्याओं का उल्लेख किया है। पहली समस्या यह है कि केंद्र पर बारदाना (बोरे) उपलब्ध नहीं होने के कारण कई दिनों से धान की तौल बंद पड़ी है। दूसरी, जिन किसानों ने धान बेचने के लिए स्लॉट बुक किए थे, उनकी समय सीमा समाप्त हो गई है, जिससे वे अपनी उपज बेचने को लेकर अनिश्चितता में हैं। तीसरी समस्या यह है कि खरीदी केंद्र परिसर में धान के ढेर लगे हुए हैं, लेकिन उचित भंडारण व्यवस्था न होने के कारण किसानों को अपनी फसल खराब होने का डर सता रहा है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शुभम रजक ने केंद्र प्रबंधन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शाहनगर केंद्र में किसानों के साथ खुला अन्याय हो रहा है और केंद्र प्रभारी द्वारा किसानों से अवैध वसूली की जा रही है। रजक के अनुसार, जो किसान पैसे नहीं देता, उसकी धान की तौल जानबूझकर रोक दी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान दिन भर भटकने को मजबूर हैं, जबकि प्रशासन इस मामले में मौन है। परेशान किसानों ने बताया कि उनकी धान पहले से ही केंद्र परिसर में रखी है। उनके पास अब न तो इसे घर ले जाने का विकल्प है और न ही केंद्र पर इसकी तौल हो रही है। किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बारदाना उपलब्ध कराकर स्लॉट की वैधता नहीं बढ़ाई गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।


