धार जिले के जेतपुरा में शासकीय स्कूल के ठीक सामने धार-इंदौर रोड पर लंबे समय से कचरा फेंका जा रहा है। पंचायत की कचरा गाड़ी कई दिनों से बंद होने के कारण यह स्थिति हुई है, जिससे स्कूली बच्चों, स्थानीय निवासियों और कॉलेज के छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी सुभाष सोलंकी ने बताया कि शासकीय स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक के छोटे बच्चे पढ़ते हैं। कचरे से फैलने वाली बदबू और गंदगी के कारण बच्चों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, साथ ही उन्हें स्कूल आने-जाने में भी दिक्कत हो रही है। इसी मार्ग पर एक निजी नर्सिंग कॉलेज भी स्थित है। कॉलेज के छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इसी रास्ते से पैदल गुजरते हैं। फैली हुई गंदगी और तेज दुर्गंध के कारण उन्हें मुंह पर रुमाल बांधकर निकलना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। हादसों की आशंका बनी रहती है
कचरे के ढेर के कारण यहां आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जो अक्सर प्लास्टिक की थैलियां खाते हुए देखे जाते हैं। इससे सड़क पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और यातायात भी बाधित होता है। इस संबंध में पंचायत सचिव अजीत बोड़ाने से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। वहीं, ग्राम सरपंच जगदीश डावर ने बताया कि कचरा गाड़ी में तकनीकी खराबी आ गई है, जिसके कारण कुछ दिनों से उसकी सेवा बाधित है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही मरम्मत कराकर कचरा गाड़ी को फिर से चालू कर दिया जाएगा। फिलहाल, कचरा गाड़ी बंद होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में इसी स्थान पर कचरा फेंक रहे हैं, जिससे शासकीय स्कूल और कॉलेज के सामने गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है।


