लंबित सरकारी योजनाओं को तय समय पर पूरा करने को लेकर राजसमंद कलेक्टर ने अनोखा तरीका अपनाया है। कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने कहा- अगर 28 जनवरी तक SDM गरीबों को उनका हक नहीं दिला पाए तो जनवरी महीने की सैलरी नहीं लूंगा। उन्होंने लेखाधिकारी से जनवरी महीने की तनख्वाह बनाने को भी मना कर दिया है। जब तक एसडीएम शत प्रतिशत सत्यापन का प्रमाण पत्र नहीं सौंप दें तब तक बिल नहीं बनाना है। फैसले के अनुसार पालनहार और पेंशनर्स योजना में अभी भी सत्यापन नहीं हो पाए हैं। ऐसे में, काम को तय समय पर पूरा कराने के लिए कलेक्टर ने ये फैसला लिया है। इस फैसले से जिले के कई SDM ने भी सैलरी लेने से मना करते हुए कहा- अगर कलेक्टर साहब ने यह निर्णय लिया है तो हम भी सैलरी कैसे ले सकते हैं। प्रयास करेंगे कि तय समय में सभी लोगों को योजनाओं का लाभ मिल पाए। 28 तारीख तक पूरे करने होंगे टारगेट कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने दैनिक भास्कर को बताया- राजसमंद जिले में सरकारी योजनाओं के लंबित मामलों में पेंशन के 23,000, पालनहार योजना के 3,200 तथा एनएफएसए योजना के तहत 700 आवेदनों का सत्यापन अभी शेष है। ऐसे में, संबंधित SDM को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनवरी महीने की 28 तारीख तक ये टारगेट पूरा कर लें। इसी कड़ी में आगामी 23 जनवरी को विद्यालयों में पेरेंट्स–टीचर मीटिंग आयोजित की जाएगी। जिसमें पालनहार योजना के लाभार्थी बच्चों एवं उनके अभिभावकों को बुलाया जाएगा। इस दौरान शिक्षकों द्वारा मौके पर ही अध्ययन प्रमाण पत्र तैयार कर उन्हें ऑनलाइन अपलोड कराया जाएगा, जिससे बच्चों को पालनहार योजना का लाभ समय पर मिल सके। इसके लिए 21 जनवरी को शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे अध्ययन प्रमाण पत्र अपलोड करने की प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा कर सकें। SDM बोले- हम भी नहीं लेंगे सैलरी इधर, राजसमंद SDM ब्रजेश गुप्ता ने बताया- कलेक्टर के निर्णय के बाद विभाग द्वारा संबंधित कर्मचारियों के साथ मिलकर स्वयं इसकी निगरानी कर रहा हूं। उम्मीद है कि तय समय से पहले 28 जनवरी तक सत्यापन का काम पूरा कर लिया जाएगा। यदि कार्य निर्धारित समय तक पूरा नहीं हुआ, तो मैं खुद भी वेतन नहीं लूंगा। बता दें कि सत्यापन मामलों में राजसमंद प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। पेंशन-पालनहार योजना पर जोर


