झुंझुनूं के बगड़ थाना क्षेत्र में एक 12 साल की नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने फैसला सुनाया है। न्यायालय ने 63 साल के बुजुर्ग को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 13 महीनों के भीतर पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। पॉक्सो कोर्ट झुंझुनू ने 16 जनवरी 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने आरोपी पर 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि इस मामले को ‘केस ऑफिसर स्कीम’ में चयनित किया गया था। ब्लीडिंग हुई तो पता चला पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मात्र 25 दिनों के भीतर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट पेश की। बगड़ थानाधिकारी हरजिंद्र सिंह ने टीम के साथ मिलकर कोर्ट में मजबूत पैरवी की। दोषी पिछले कई महीनों से मासूम बालिका का डरा-धमका कर यौन शोषण कर रहा था। बालिका इतनी भयभीत थी कि उसने किसी को कुछ नहीं बताया। मामला तब उजागर हुआ जब बालिका की तबीयत बिगड़ी और गर्भपात के कारण उसे रक्तस्राव होने लगा। बालिका ने बताया कि आरोपी ने उसे गर्भपात की गोलियां भी दी थीं। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आरोपी को 5 दिवस के भीतर गिरफ्तार कर लिया था।


