जनपद पंचायत पेटलावद में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत ग्राम पंचायत सरपंचों और प्रतिनिधियों के लिए एक दिवसीय साइबर साक्षरता प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी गौरव जैन के मार्गदर्शन में हुए इस शिविर का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को साइबर सुरक्षा और ई-गवर्नेंस की बारीकियों से अवगत कराना था ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहें और ग्रामीणों को भी जागरूक कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान खंड पंचायत अधिकारी ज्ञानसिंह चौहान ने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताए। भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि मयंक मिश्रा ने फ्रॉड लिंक्स की पहचान और संदिग्ध संदेशों से सावधान रहने की जानकारी दी। पुलिस विभाग से एएसआई महेंद्रसिंह पटेल, उप निरीक्षक गोवर्धन मकवाना और रविंद्र बरडे ने साइबर अपराधों के कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। टीआरआई संस्था के रोहित यादव ने बताया कि सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, संबंधित बैंक को तुरंत सूचित करना अनिवार्य है ताकि धोखाधड़ी वाले खाते को समय रहते फ्रीज किया जा सके। तकनीकी सत्र में आरजीएसए बीसी अनसिह अरड ने सरकारी योजनाओं के पोर्टल्स के सुरक्षित उपयोग की विधि समझाई। कार्यक्रम के अंत में, ऑपरेटर प्रेमसिंह बघेल और एमआरपी की सहायता से सभी सहभागी सरपंचों और प्रतिनिधियों ने टीएमपी पोर्टल के माध्यम से अपने डिजिटल प्रमाण पत्र डाउनलोड किए। इस आयोजन ने जनप्रतिनिधियों को डिजिटल युग की चुनौतियों और समाधानों से सीधे जोड़ा।


