करीब ढाई साल पहले मां-बेटी को ब्लैकमेल कर बलात्कार करने वाले आरोपी को शनिवार को उज्जैन कोर्ट ने जीवनकाल ( मृत्यु तक) आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि दिनांक 7 सितंबर 2023 को फरियादी महिला ने महिला थाना में गलत काम करने, डराने धमकाने व फोटो वायरल करने की धमकी देकर बलात्कार करने वाले शाहरुख छिपार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि घर पर काम करने वाले शाहरुख का आना जाना लगा रहता था। उसे तीन वर्ष पहले से पहचानती हूं उसके घर पर ही बातचीत हुई थी। लगभग ढाई वर्ष पहले शाहरुख घर पर आया, उस समय घर पर कोई नहीं था, शाहरुख ने दरवाजा लगाकर मेरे साथ मेरी इच्छा के विरूद्ध बलात्कार किया और फिर चला गया। डर की वजह से घटनाक्रम को मेरे पति व परिजनों को नही बता पाई, इसके दो दिन के बाद शाहरुख फिर आया और बोला कि आपके साथ जो मैने किया है उसकी पूरी वीडियो रिकार्डिंग मैंने उस दिन मेरे मोबाइल में कर ली थी, अब जब भी तुमको बोलूं तो अपनी मर्जी से खुशी-खुशी मेरे पास आना, नहीं तो मैं उक्त वीडियो सबको दिखा दूंगा, उक्त वीडियो को देखने के बाद वायरल होने के डर से उसके द्वारा जैसा कहां गया वैसा करती रही । बेटी को भी बनाया शिकार
इस प्रकार से मेरे साथ बार-बार शाहरुख ने मेरी इच्छा के विरूद्ध रेप किया। जो शाहरुख की पत्नी एवं वसीम ने देखकर वायरल कर दी और उक्त वीडियो की रिकार्डिंग की कॉपी कराकर मेरे पति को भी दे दी, उक्त पेन ड्राइव को जब मेरे घर वालों और मैने देखा तो उसमें मेरी बेटी का भी वीडियो था, तब मेरी बेटी से पूछा तो उसने बताया कि आपका वीडियो दिखाकर, मुझे डरा धमकाकर मेरे साथ भी वही गलत काम किया। करीब ढाई वर्ष बाद माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपी शाहरुख छीपार, उम्र 39 वर्ष, निवासी भैरवगढ़ जिला उज्जैन को धारा 376 (2) भादवि एवं 5 / एल 6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन शेष प्राकृत जीवनकाल (मृत्यु तक) सश्रम कारावास एवं कुल 10,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया ।


