भास्कर न्यूज | जांजगीर नशामुक्ति और जन-जागरूकता के लिए पुलिस लगातार नवाचार कर रही है। इसी क्रम में एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने थाना मुलमुला के अमोरा में विशेष नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री और नशा सेवन के दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक करना था। इस मौके पर एसपी पांडेय ने 200 महिला कमांडो टीम का गठन किया। ये टीम गांवों में नशा रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएगी और बच्चों-युवाओं को नशे से दूर रहने प्रेरित करेगी। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने महिला कमांडो को टोपी, सीटी और अन्य उपकरण बांटे। अभियान को और प्रभावशाली बनाने एसपी पांडेय ने छत्तीसगढ़ी में गीत तैयार कर महिला कमांडो टीम को समर्पित किया है। यह गीत न केवल युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करेगा, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक संदर्भों में संदेश को प्रभावी बनाएगा। साथ ही लोगों को और आने वाली पीढ़ी को जागरूक करेगा। कार्यक्रम के दौरान एसपी पांडेय ने कहा कि अवैध शराब बिक्री, नशा सेवन, जुआ और सट्टा जैसी गतिविधियों से बच्चों और युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। जिस बच्चे को सही शिक्षा और मार्गदर्शन मिलता है, वह कभी भी नशे की ओर नहीं जाएगा। नशा जीवन की उत्पादकता और स्वास्थ्य दोनों को कमजोर करता है और समाज में असुरक्षा और अशांति पैदा करता है। महिला कमांडो टीम के गठन से ग्रामीण स्तर पर यह संदेश जाएगा कि पुलिस केवल दंडात्मक कार्रवाई के लिए नहीं है, बल्कि समाज सुधार और सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस टीम का काम नशे के खिलाफ सक्रिय जागरूकता फैलाना और ग्रामीण युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों में जोड़ना होगा। छत्तीसगढ़ी गीत से महिलाएं करेंगी जागरूक गीत के जरिए महिला कमांडो गांवों में जाकर ग्रामीणों को संदेश देंगी। गीत के बोल हैं- दारु ल छोड़व सजन, नशा ल त्यागव रे। धरती माता ह हमला बढ़िया चीज देवे हे, गन्दा गन्दा चीज ल काबर ते पिथस रे। गीत में शराब के दुष्प्रभाव, बच्चों पर नकारात्मक असर और स्वास्थ्य पर नुकसान को प्रभावशाली ढंग से उजागर किया गया है। एसपी पांडेय के अनुसार नशा केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को ही नहीं नुकसान पहुंचाता, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक जीवन पर भी गंभीर असर डालता है।


