भास्कर न्यूज | बाड़मेर किसान केसरी व शिक्षा के अग्रदूत चौधरी बलदेवराम मिर्धा की 137वीं जयन्ती शनिवार को श्री किसान बोर्डिंग हाउस संस्थान में समारोह पूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर शिव के पूर्व प्रधान उदाराम मेघवाल ने बलदेवराम मिर्धा के किसानों एवं पिछड़ों के हित में किए गए कार्यों को याद किया। सर छोटूराम, बलदेवराम मिर्धा, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, चौधरी रामदान, चौधरी चरणसिंह ने दीवार की तरह खड़े होकर अनपढ़ लोगों के हितों के लिए सफल संघर्ष किया। मेघवाल ने अपने पराए की पहचान करने की बात कही। शिक्षा ही गुलामी से मुक्ति का मार्ग है, हम शिक्षा से ही आगे बढ़ेंगे। बलदेवराम मिर्धा ने शिक्षा के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। बाड़मेर ग्रामीण प्रधान प्रतिनिधि खरथाराम गोदारा ने कहा कि भारत का भविष्य विद्यार्थी है। सोशल मीिडया के उपयोग पर ध्यान देना आवश्यक है। विद्यार्थी बलदेवराम मिर्धा के पदचिन्हों पर चलें। संस्थान अध्यक्ष एडवोकेट बलवंतसिंह चौधरी ने कहा कि जयन्ती उन्हीं की मनाई जाती है जो देश एवं समाज के लिए कर गुजरते है। समय बड़ा परिवर्तनशील है, जिसके बारे में सोचना होगा। केन्द्रीय विद्यालय प्राचार्य किशनाराम सेंवर ने कहा ने कहा कि मिर्धा की जयन्ती मनाने का उद्धेष्य उनके जीवन से प्रेरणा लेना है। अपने वर्ग के लोगों को वह परेशान देखते थे तो वे बहुत दुखी थे। किसानों के दुख दूर करने के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उन्होंने किसान समूदाय को एकजूट रहने का आह्वान किया। राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेशाध्यक्ष बन्नाराम चौधरी ने कहा कि बलदेवराम मिर्धा ने किसानों को जमीन का मालिकाना हक दिलाया। बालिका छात्रावास की वार्डन डॉ. तारा चौधरी ने कहा कि जिसने सही रास्ते पर चलना सीख लिया है, वही व्यक्ति आगे बढा है आगे बढ़ने के लिए मेहनत करना आवश्यक है। संस्थान के सचिव एडवोकेट डालूराम चौधरी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि बलदेवराम मिर्धा ने मारवाड़ के किसानों खातेदारी का हक दिलवाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। समरोह को जसोदा पूनिया, दरिया थोरी, जमना तथा गोरखाराम गोदारा, ईश्वर साई व पुखराज ने संबोधित किया । इस अवसर पर नरसिंह सोंलकी, भाखराराम विश्नोई, चुतराराम सियाग, महेश कुमार जाणी, सोनाराम के जाट, अमराराम गोदारा, जीयाराम बाना , हुकमाराम जाखड़, एडवोकेट मेघाराम जाखड़, महिपाल कमेडिया, भेराराम भाखर, एडवोकेट प्रवीण सियाग, लेखक जोगाराम सारण, खेताराम पालीवाल, सेडूराम चौधरी तथा कई लोग उपस्थित रहे। संचालन रमेश मिर्धा ने किया। वार्डन नुकलाराम डूडी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


