परीक्षार्थियों ने नहीं रखा ड्रेस कोड का ध्यान भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) की ओर से तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई। पहले दिन परीक्षा एक ही पारी में थी, जिसमें 9240 परीक्षार्थियों में से 9056 ने परीक्षा दी। केवल 2 प्रतिशत परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जिले में 31 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। ड्रेस कोड संबंधित दिशा-निर्देश पर ध्यान नहीं देने वाले अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। केंद्रों के बाहर सभी मेटल की वस्तुएं खुलवाई गईं। कुछ परीक्षार्थियों सोने की बालियां नहीं खुल रही थी, तो काटनी पड़ी। बायोमेट्रिक जांच के बाद एंट्री दी गई। रविवार को दो पारियों में परीक्षा होगी, पहली पारी में साइंस-मैथ्स और शाम की पारी में सोशल स्टडी की परीक्षा होगी। इस भर्ती के जरिए लेवल-1 में 5636 और लेवल-2 में 2123 पद भरे जाएंगे। परीक्षा का परिणाम 10 जुलाई 2026 को घोषित किया जाएगा। पेपर टफ था, उलझन भरे सवाल परीक्षा देने के बाद परीक्षार्थियों का कहना था कि इस बार पेपर के पैटर्न में थोड़ा बदलाव किया गया। कई सवाल काफी अलग तरीके से पूछे गए, जो बहुत उलझन भरे थे। ज्यादातर कठिन सवाल रहे, जिससे पेपर करने में टाइम मैनेज नहीं हो पाया। विशेषज्ञों का मानना है कि पेपर का स्तर पहले की तुलना में ज्यादा कठिन आया है। भाषा भी कठिन थी। इस कारण कट ऑफ भी कम रह सकती है। भीलवाड़ा से संबंधित एक भी प्रश्न नहीं था। चित्तौड़ के कीर्ति स्तंभ, नई शिक्षा नीति, भामाशाह योजना, कालीबाई भील स्कूटी योजना सहित प्रदेश के अन्य शहरों से जुड़े प्रश्न पूछे गए।


