आय से अधिक संपत्ति, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में आरोपी नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के संचालक विनय कुमार सिंह की प|ी स्निग्धा सिंह को झटका लगा है। उसकी ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने सुनवाई पश्चात खारिज कर दी। स्निग्धा सिंह ने एक दिसंबर को याचिका दाखिल कर अग्रिम जमानत की गुहार लगाई थी। स्निग्धा सिंह फिलहाल एसीबी की पकड़ से दूर है। जांच एजेंसी एसीबी उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है। स्निग्धा सिंह पर गंभीर आरोप : अदालत के आदेश के अनुसार, स्निग्धा सिंह और उसके पति विनय सिंह ने अपनी कंपनी नेक्स्जेन सॉल्यूशन टेक्नोलॉजी के माध्यम से आईएएस विनय चौबे के अवैध धन को खपाने में मुख्य भूमिका निभाई। स्निग्धा के खाते से विनय चौबे के रिश्तेदारों (शिपिज त्रिवेदी और प्रियंका त्रिवेदी) के संयुक्त खाते में 14.25 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। स्निग्धा की कंपनी द्वारा विनय चौबे की प|ी स्वप्ना संचिता को मैनेजमेंट कंसल्टेंट बताकर 2019 से 2023 के बीच हर महीने 1.50 लाख रुपए (कुल 73 लाख रुपए) का भुगतान किया गया, जिसका कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं मिला। इन नामों का भी आया जिक्र : एसीबी की एफआईआर में विनय चौबे के अलावा उनके ससुर सतेंद्र नाथ त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, सरहज प्रियंका त्रिवेदी, प|ी स्वप्ना संचिता और मित्र विनय कुमार सिंह को भी आरोपी बनाया गया है।


