मोरहाबादी मैदान से आगे बिजली सब स्टेशन के पास 1.36 करोड़ रुपए की लागत से वेंडर मार्केट बनाया गया, ताकि सड़क पर बाजार न लगे, जाम न हो। इस मार्केट में रांची नगर निगम ने लॉटरी के माध्यम से 220 दुकानदारों को जगह आवंटित की है। इनमें पहले फेज में 121 खाद्य पदार्थ विक्रेता, 27 सब्जी और 21 फल विक्रेताओं को जगह दी गई है। दूसरे फेज में 59 दुकानदारों को जगह दी गई। मार्केट में दुकानदारों को जगह मिल जाने के बाद लगा था कि अब सड़क पर दुकानें नहीं लगेंगी, जिससे जाम से मुक्ति मिलेगी। लेकिन हुआ ठीक इसका उल्टा। दुकानदारों ने वेंडिंग जोन में जगह तो ले ली, पर वहां दुकान नहीं लगाते। खासकर सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को मोरहाबादी में अर्द्ध साप्ताहिक बाजार लगता है। इस दिन वेंडर मार्केट के सभी सब्जी और फल विक्रेता अपनी दुकानों को बंद करके सड़क पर आ जाते हैं। इसका नतीजा है कि सड़क पर चारों ओर जाम लगा रहता है। निगम ने जगह दे दी, लेकिन नो वेंडिंग जोन नहीं बनाया वेंडर मार्केट के अंदर दुकानें लगाने की जगह का इस्तेमाल ऐसे सामान रखने के लिए किया जा रहा है। मार्केट के बाहर आधी सड़क पर सब्जी और फल दुकानदारों का कब्जा। दुकानदारों द्वारा बाहर दुकान लगाने के पीछे निगम की गलती है। दरअसल, निगम ने सड़क किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदारों को मार्केट में जगह तो दे दी, लेकिन बाहर के क्षेत्र को नो वेंडिंग जोन घोषित नहीं किया। इस वजह से दुकानदार दोहरा फायदा उठा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए आसपास के क्षेत्र के फुटपाथ दुकानदार भी मोरहाबादी में आकर दुकान लगाने लगे हैं, ताकि वे भी मार्केट में दुकान लेने के लिए दावा कर सकें।


