सोना और चांदी की कीमतों में तेजी का दौर जारी है, जिससे उपभोक्ता खरीदारी के पैटर्न में बदलाव आया है। इस तेजी का असर जेवरात बाजार पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जहां पारंपरिक रूप से भारी गहने खरीदने वाले अब हल्के‑वजन वाले डिजाइनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ग्राहकों की बदलती पसंद के कारण अब पायल, हल्की सोने की चेन, 4 से 9 ग्राम के गले के हार, 1 ग्राम की कान की बाली और हल्के‑वजन के कड़े की मांग बढ़ी है। पहले जहां 30 ग्राम से ज्यादा वजन वाली पायल आमतौर पर पसंद की जाती थी, अब 18 से 20 ग्राम या उससे भी हल्की पायल बाजार में तेजी से आ रही है। इसी तरह सोने और चांदी के हल्के‑वजन गहने ग्राहकों के बजट के अनुरूप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ज्वेलर्स भी ग्राहकों को लाइट वेट गहनों के साथ‑साथ बजट‑फ्रेंडली स्कीमें और ऑफर दे रहे हैं, ताकि बढ़ती कीमतों के बावजूद बिक्री को मजबूती मिले और खरीदारों की रुचि बरकरार रहे। स्पष्ट है कि ऊंचे भावों के बावजूद खरीदारी में रुचि खत्म नहीं हुई, बल्कि ग्राहक अब कम वजन के गहने चुन रहे हैं। पिछले सात दिन में सोना-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी तिथि सोना चांदी (नोट : सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की रुपए प्रति किलो में) और बढ़ सकते हैं दाम: सोना-चांदी व्यवसायी समिति, रांची के मुख्य संरक्षक रवि कुमार पिंकू ने कहा कि लग्न की खरीदारी शुरू हो चुकी है। लग्न का सीजन आ रहा है, कीमती धातुओं के दाम में और इजाफा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस समय वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल है। विश्व के शेयर बाजार में गिरावट का रुख दिख रहा है। यही कारण है कि निवेशक भी सुरक्षित निवेश माने जाने वाले कीमती धातुओं में रुचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि चांदी की औद्योगिक खपत काफी बढ़ गई है। इस कारण चांदी की कीमतों में काफी उछाल दिख रहा है।सप्ताह भर में चांदी 36 हजार रु. महंगी हुई: रांची सर्राफा बाजार में सप्ताह भर में चांदी 36 हजार रुपए महंगी हो गई है। 12 जनवरी को चांदी की कीमत 256000 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जो बढ़कर 292000 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। इसी तरह जेवराती सोना 128000 रुपए से बढ़कर 132400 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। सोना करीब चार हजार रुपए तेज हो गया है।


