‘बांके बिहारी के आसानी से दर्शन हो इसलिए दी जमीन’:कॉरिडोर के लिए पहली रजिस्ट्री कराने वाली महिला बोलीं-पहले नहीं होती थी इतनी भीड़

“जिन गलियों में खेले, वहां अब भीड़ हो गई है। बांके बिहारी के दर्शन के लिए अब दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सभी को आसानी से दर्शन हो सकें। इसलिए यहां पर कॉरिडोर बनाया जा रहा है। मैंने अपने दो बेटों के साथ मर्जी से मंदिर के लिए जमीन दी है।” यह कहना है मथुरा के वृंदावन में बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए सहमति से पहली रजिस्ट्री करने वाली महिला यति गोस्वामी का। शनिवार को उन्होंने कॉरिडोर निर्माण के लिए बिहारी पुरा क्षेत्र की 69.26 वर्ग मीटर जमीन दे दी। रजिस्ट्री के समय उनके दोनों बेटे भी मौजूद रहे। पहले नहीं होती थी इतनी अधिक भीड़ यति गोस्वामी ने बताया-बांके बिहारी मंदिर के पास ही उनका मायका है। बचपन में इन गलियों में खेलती थी। उस समय यहां इतने लोग भी नहीं आते थे। दर्शन आसानी से हो जाते थे। पिता छैल बिहारी उपाध्याय ने बांके बिहारी के पास सेठ हरगुलाल की हवेली के पीछे गली हंसिया में रहने वाले विजय गोस्वामी से शादी करा दी। जिसकी बजह से बांके बिहारी के पास ही ससुराल हो गई। मायका और ससुराल यहीं होने की बजह से अक्सर दर्शन के लिए जाती रही हूं। 5 साल में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़ यति गोस्वामी ने बताया- पिछले 5 साल में बांके बिहारी और वृंदावन के अन्य मंदिरों में दर्शन के लिए आने वालों की संख्या में कई गुना इजाफा हुआ है। जिसकी वजह से दर्शन करना अब कठिन हो गया। इसी बीच सरकार बांके बिहारी कॉरिडोर का प्रस्ताव लाई ,जिसके लिए आसपास के भवनों को लेने की जरूरत थी। कॉरिडोर बनने से आसानी से दर्शन हो सकेंगे। ये समय की जरूरत है। कुञ्ज गली अब नहीं बची, दोबारा बना तो अच्छा लगेगा यति गोस्वामी का कहना है कि भगवान का काम हो रहा है। ठाकुर जी की भक्त हूं। उनकी पूजा करती हूं इसीलिए जमीन दे दी। जिनके भवन उस दायरे में आ रहे हैं वह भी अपनी जमीन देकर पुण्य कमाएं। जब भगवान यहां खेले तब मकान नहीं थे। लता-पताओं की गलियां थीं। अब वह कुञ्ज गली कहां रहीं ,अगर उसी तरह का दोबारा जैसा बनता है तो बहुत अच्छा लगेगा। 5 एकड़ में बनेगा कॉरिडोर बांके बिहारी कॉरिडोर 5 एकड़ में बनाया जायेगा। कॉरिडोर बनने के बाद मंदिर परिसर में एक समय में 10 हजार लोग खड़े हो सकते हैं। मंदिर का पूरा एरिया 11 हजार 300 वर्ग मीटर का होगा। 5113 वर्ग मीटर ओपन एरिया होगा। 3500 वर्ग मीटर में एक वेटिंग रूम बनाया जाएगा। कॉरिडोर के मुख्य मार्गों पर प्रशासन दुकानें बनाएगा। जिनकी दुकानें टूट रही हैं, उन्हें बाद में दी जाएंगी। बांके बिहारी कॉरिडोर दो मंजिला होगा बांके बिहारी कॉरिडोर दो मंजिला होगा। ग्राउंड पर 250 और ऊपरी फ्लोर पर 200 वर्ग मीटर का जूता स्टैंड होगा। ग्राउंड पर 300 वर्ग मीटर और ऊपर 50 वर्ग मीटर में पीने के पानी की सुविधा और शौचालय होगा। 30-30 वर्गमीटर का शिशु देखभाल केंद्र होगा। 90 वर्ग मीटर में डिस्पेंसरी बनाई जाएगी। बिजली की व्यवस्था के लिए 100-100 वर्ग मीटर की जगह को आरक्षित किया जाएगा। वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए नीचे 80 वर्ग मीटर और ऊपर 250 वर्ग मीटर में वेटिंग रूम और बैठक कक्ष बनाया जाएगा। कॉरिडोर बनने में 285 भवन तोड़े जाएंगे कुल 285 भवनों की पहचान की गई है। ये सभी तोड़े जाएंगे। इसमें 188 आवासीय भवन हैं, बाकी 97 दुकानें हैं। जिनके मकान जाएंगे, उन्हें सर्किल रेट से ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा वृंदावन में ही उनके लिए फ्लैट बनाए जाएंगे। जिनकी दुकानें टूट रही हैं, उनके लिए कॉरिडोर में ही दुकानें बनाई जाएंगी। इस वक्त कई दुकानें बहुत छोटी हैं, कॉरिडोर में बनने वाली दुकानों का साइज एक बराबर होगा। मंदिर तक जाने के 4 मुख्य रास्ते होंगे इस वक्त बांके बिहारी मंदिर तक पहुंचने के लिए अलग-अलग कुल 22 गलियां हैं, लेकिन कॉरिडोर में 9 गलियां खत्म हो जाएंगी। बाकी बची गलियां भी 4 मुख्य सड़कों से जुड़ जाएंगी। कुल मिलाकर 4 मुख्य रास्ते होंगे। एक रास्ता जुगलघाट की तरफ से, दूसरा- विद्यापीठ चौराहे की तरफ से, तीसरा- वीआईपी रोड से और चौथा- दुसायत मोहल्ला की तरफ से बांके बिहारी मंदिर तक पहुंचा जा सकेगा। ये सभी रोड 20 से 50 फीट तक चौड़ी होंगी। DM ने कहा- अच्छा मुआवजा दिलाएंगे DM चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा- बांके बिहारी जी की कृपा से पहली रजिस्ट्री हुई है। यह शुरुआत है आगे और भी लोग आएंगे। विकास के काम में जिसकी जमीन और दुकान जाएगी उनको अच्छा मुआवजा दिया जायेगा। कॉरिडोर के पास दुकान, फ्लैट आदि दिए जाने पर विचार चल रहा है।

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