छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल की ओर से धान उठाव में अनियमितता पाया गया। इस मामले में शनिवार को SDM मनीष साहू की टीम ने राइस मिल सील कर दिया है। इसके अलावा टीम ने मौके से 54 हजार क्विंटल धान जब्त किया है, जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपए आंकी है। मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, राइस मिल की ओर से 58,600 क्विंटल धान उठाव किया था। जांच में 54,082.8 क्विंटल धान पाया गया। जबकि 4,577.2 क्विंटल धान गायब मिला। ऐसे में प्रशासनिक टीम ने मिल को सील करने की कार्रवाई करते ही 58,600 धान भी जब्त कर लिया। इससे पहले 16 जनवरी को प्रशासन ने 2 राइस मिल से 2890 क्विंटल और 3152 क्विंटल धान गायब पाया गया था, जिसकी कीमत 89 लाख 62 हजार रुपए आंकी गई थी। वहीं, दोनों मिलों से कुल 46,257 क्विंटल धान जब्त किया था, जिसकी कीमत 14 करोड़ 33 लाख रुपए आंकी गई थी। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, धान उठाव में अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन एक्शन मोड पर है। लगातार टीम राइस मिलों में दबिश देकर रिकॉर्ड की जांच में रही है। ऐसे में SDM मनीष साहू की टीम ने 16 जनवरी को संजीत मित्तल के सिरगिट्टी स्थित अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल पर दबिश दी। एसडीएम मनीष साहू, तहसीलदार प्रकाश साहू, खाद्य निरीक्षक मंगेश कांत और ललिता शर्मा ने 16 और 17 जनवरी को दो दिनों तक राइस मिल की गहन जांच की। इस दौरान मिल परिसर से 4,577 क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसके बाद अधिकारियों ने तत्काल मिल को सील करने की कार्रवाई की। 16.76 करोड़ रुपए का धान जब्त जांच में खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के तहत उठाए गए धान का भौतिक सत्यापन किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार, राइस मिल की ओर से कुल 1,46,650 बोरा (58,600 क्विंटल) धान का उठाव किया गया था, लेकिन मौके पर केवल 1,35,207 बोरा (54,082.8 क्विंटल) धान ही उपलब्ध मिला। संचालक संजीत मित्तल के खिलाफ केस दर्ज इस तरह 11,443 बोरा यानी 4,577.2 क्विंटल धान कम पाया गया। उपलब्ध 54,082.8 क्विंटल धान, जिसकी कीमत 16.76 करोड़ रुपए आंकी गई है, उसे जब्त कर लिया गया। प्रशासन ने इस मामले को छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 का उल्लंघन मानते हुए संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। धान की हेराफेरी की आशंका को देखते हुए मिल को सील कर दिया गया है। किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने सख्त कार्रवाई फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने बताया कि समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के परिवहन और भंडारण में अनियमितता बरतने वाली अन्य राइस मिलों की भी इसी तरह जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों को उनके धान का समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने, कोचिया और अन्य बिचौलियों की ओर से मंडियों में अवैध धान खपाने से रोकने के लिए राइस मिलों में छापामार कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी। रीसाइक्लिंग रोकने पर फोकस यह कार्रवाई मुख्य रूप से 31 जनवरी तक जारी रहेगी, ताकि इस अवधि में धान की रीसाइक्लिंग न हो सके और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर समय रहते रोक लगाई जा सके। अब तक जिले में 56 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का धान जब्त किया जा चुका है। राइस मिलों को कस्टम मिलिंग के लिए जितना धान प्रदान किया गया है, उससे कम धान पाए जाने की स्थिति में संबंधित मिलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ………………………………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कस्टम-मिलिंग का 40 करोड़ का धान गायब, 4 राइस-मिल सील: बिलासपुर में प्रशासन की टीम ने की कार्रवाई, रिसाइकलिंग की आशंका बिलासपुर जिले के दो राइस मिल में कस्टम मिलिंग के धान में अफरा तफरी करने की जानकारी मिली थी, जिस पर जिला प्रशासन की टीम ने कोटा के हरिकिशन फूड राइस मिल और बिल्हा के गायत्री फूड की जांच की। पढ़ें पूरी खबर…


