मंडला जिले में पुलिस विभाग के विशेष भर्ती अभियान में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का गंभीर मामला सामने आया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं के लिए चलाए जा रहे इस अभियान में तीन अभ्यर्थियों ने जाली अंकसूचियां प्रस्तुत की थीं। इस मामले में एक स्कूल संचालक सहित तीन अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला तब उजागर हुआ जब विशेष सहयोगी दस्ता भर्ती अभियान के तहत प्राप्त कुछ आवेदनों में संलग्न दस्तावेजों की तुलना पूर्व में हुई भर्तियों के दौरान जमा किए गए कागजातों से की गई। इस तुलना में अंकसूचियों में विसंगतियां पाई गईं, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई। एसडीएम बिछिया सोनाली देव के नेतृत्व में एक जांच समिति का गठन किया गया। समिति ने दस्तावेजों की गहनता से जांच की, जिसमें पाया गया कि मवई स्थित ग्रेट मदर इंडिया स्कूल से जारी की गई कई अंकसूचियां पूरी तरह फर्जी थीं। जांच में पुष्टि हुई कि तीन अभ्यर्थियों ने इसी स्कूल से जाली मार्कशीट बनवाकर भर्ती प्रक्रिया में आवेदन किया था। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर मवई थाना में स्कूल संचालक और तीनों अभ्यर्थियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान मिल्कियत दास पड़वार (52), अभिषेक पड़वार (25), जागेश्वर धुर्वे (26) और प्रदीप धुर्वे (21) के रूप में हुई है। एडीओपी बिछिया सौरभ तिवारी ने बताया कि फर्जी मार्कशीट लगाए जाने की शिकायत मिली थी। एसडीएम बिछिया द्वारा कराई गई जांच में तीन अभ्यर्थियों की अंकसूचियां फर्जी पाई गईं, जो ग्रेट मदर इंडिया स्कूल, मवई से तैयार कराई गई थीं। मंडला पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इससे जुड़ा कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है।


