बड़वानी जिले की निवाली तहसील में स्थित एकलव्य आदिवासी छात्रावास, पुरुषखेड़ा में 13 जनवरी की रात एक छात्रा फांसी के फंदे पर लटकी मिली थी। कक्षा 9वीं की इस छात्रा को अन्य छात्राओं ने देखा और छात्रावास अधीक्षिका को सूचित किया। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे, जिसके बाद छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। निवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना के चार दिन बाद, जयस संगठन ने शनिवार रात से निवाली थाना परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जो रविवार को भी जारी है। जयस संगठन के जिला प्रभारी निलेश चौहान ने बताया कि पुलिस इस घटना को आत्महत्या मान रही है, लेकिन संगठन इसे हत्या बता रहा है। चौहान के अनुसार, उन्होंने 13 जनवरी को ही प्रशासन से बात की थी, जिस पर तीन दिनों में जांच और कार्रवाई का आश्वासन मिला था। हालांकि, चार दिन बाद भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई। इसी के विरोध में संगठन ने धरना प्रदर्शन शुरू किया है और दोषियों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। संगठन की मांग है कि छात्रा की मौत के मामले में छात्रावास के जिम्मेदार लोगों पर लापरवाही के आरोप में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। उनका कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। जयस ने इस पूरे मामले की स्पेशल मजिस्ट्रेट द्वारा स्वतंत्र जांच और कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है। निवाली थाना प्रभारी आर.के. लोवंशी ने बताया कि पुलिस टीम द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।


