उमरिया जिले के सामान्य वन मंडल अंतर्गत चंदिया वन परिक्षेत्र के सलैया गांव में वनरक्षक से मारपीट के पांच माह बाद भी खनन में प्रयुक्त ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को वन विभाग जब्त नहीं कर सका है। यह घटना 27 सितंबर को हुई थी, जब खनन माफियाओं ने वनरक्षक के साथ मारपीट कर पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जबरन छुड़ा ली थीं। वनरक्षक की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। हालांकि, घटना में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की जब्ती अब तक नहीं हो पाई है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मारपीट की घटना के बाद से वनरक्षक रामशंकर चौधरी दहशत में हैं। उन्होंने सलैया बीट का प्रभार छोड़ दिया है और अधिकारियों को तबादले के लिए पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने सलैया बीट में अपनी जान को खतरा बताया है। वर्तमान में सलैया बीट प्रभारी के भरोसे संचालित हो रही है। पांच माह बाद भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त न होने को लेकर विभागीय स्तर पर नाराजगी व्यक्त की गई है। अनुविभागीय अधिकारी कुलदीप त्रिपाठी ने परिक्षेत्र अधिकारी को पत्र लिखकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त करने के प्रयासों की जानकारी मांगी है और इस मामले में शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दो-तीन दिन में करेंगे इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी नितेश द्विवेदी ने बताया कि सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को चिन्हित कर लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले दो-तीन दिनों के भीतर उन्हें जब्त करने का प्रयास करेंगे।


