बारां में किसान महापंचायत ने मांगरोल रोड स्थित कृषि भूमि में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए पारंपरिक नालों की खुदाई की मांग की है। महापंचायत के प्रदेश संयोजक सत्यनारायण सिंह के नेतृत्व में इस संबंध में एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि बारां नगर परिषद क्षेत्र के तहत बारां-मांगरोल रोड के किनारे सैकड़ों बीघा कृषि भूमि है। पहले इस भूमि पर बरसाती और नगर क्षेत्र का पानी रोड के दोनों ओर बने पारंपरिक नालों से निकल जाता था, क्योंकि ये नाले कृषि भूमि के स्तर से नीचे थे। हालांकि, मांगरोल रोड किनारे आवासीय कॉलोनियां बनने के कारण कुछ दुकानदारों ने इन पारंपरिक नालों को अवरुद्ध कर दिया है। सड़क के पूर्वी हिस्से में शहर का कूड़ा-कचरा डालकर भी नाले बंद कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, रोड के दोनों ओर सरकारी चरागाह भूमि पर अतिक्रमण कर दुकानें बना ली गई हैं। इस जलभराव के कारण प्रति वर्ष खेतों में बोई गई खरीफ फसलें सड़ जाती हैं और रबी फसलों की बुवाई भी नहीं हो पाती। वर्तमान में माथना चौराहा, किसान कॉलोनी और विजय नगर कॉलोनी का पानी भी इन खेतों में भर जाता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है। किसान महापंचायत के पदाधिकारियों ने मांग की है कि मांगरोल रोड पर दोनों ओर जल निकासी के लिए पारंपरिक नालों की खुदाई करवाकर पानी की उचित निकासी सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश संयोजक सत्यनारायण सिंह, जिलाध्यक्ष नरेंद्र चौहान, नगर अध्यक्ष कांतिचंद तिवारी, जिला मंत्री नरेंद्र सुमन और कोषाध्यक्ष हेमराज सुमन सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।


