जीपीएम जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज हर्री रेलवे स्टेशन का घेराव किया। यह प्रदर्शन कोरोना काल के दौरान पेंड्रारोड से आगे छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित हर्री रेलवे स्टेशन पर बंद की गई यात्री ट्रेनों के स्टापेज बहाल कराने की मांग को लेकर किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुईं, तो एक माह बाद रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कोरोना काल से हर्री स्टेशन पर कुल आठ महत्वपूर्ण यात्री ट्रेनों का स्टापेज बंद कर दिया गया है। इससे क्षेत्र के यात्रियों, छात्रों, मजदूरों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बंद किए गए स्टापेज में रीवा से बिलासपुर, बिलासपुर से रीवा, इंदौर से बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस, बिलासपुर से इंदौर, बिलासपुर से भोपाल, भोपाल से बिलासपुर, चिरमिरी से बिलासपुर और बिलासपुर से चिरमिरी पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। रेल स्टापेज बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी कांग्रेस नेताओं ने बताया कि हर्री क्षेत्र आदिवासी और ग्रामीण बहुल इलाका है। यहां से लगभग 50 ग्राम पंचायतों के लोग रोजगार, शिक्षा और इलाज के लिए रेल पर निर्भर हैं। स्टापेज बंद होने से आम जनता को अनावश्यक आर्थिक बोझ और समय की बर्बादी झेलनी पड़ रही है। एक माह में निर्णय नहीं हुआ तो होगा रेल रोको आंदोलन घेराव के दौरान वक्ताओं ने रेल प्रशासन से तत्काल सभी ट्रेनों के स्टापेज बहाल करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि एक माह के भीतर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीणों के साथ रेल रोको आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी।


