सवाई माधोपुर जिले में खाद्य कारोबारियों को सुरक्षित मानकों के तहत कानूनी दायरे में लाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कमर कस ली है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत बिना लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन के खाद्य व्यवसाय करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसी क्रम में कारोबारियों की सुविधा के लिए बामनवास में 19 जनवरी और बौंली में 21 जनवरी को एक-एक दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। उपखंड पर लगाएं जाएंगे शिविर CMHO डॉ. अनिल कुमार जैमिनी ने बताया कि राज्य खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभ मंगला के निर्देशानुसार जिले के सभी उपखंड क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बामनवास में 19 जनवरी सोमवार और बौंली में 21 जनवरी बुधवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खाद्य लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन हेतु शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही कारोबारियों के साथ विचार गोष्ठी आयोजित कर उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा, ताकि नियमों की अनदेखी के कारण किसी को परेशानी न हो। लाइसेंस नहीं बनवाने पर होंगी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेद प्रकाश पूर्विया ने बताया कि बिना लाइसेंस खाद्य व्यवसाय करना अपराध है और इस पर भारी जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी खाद्य कारोबारियों से शिविर में पहुंचकर अनिवार्य रूप से लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की।खाद्य सुरक्षा अधिकारी नितेश गौतम ने आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देते हुए बताया कि आवेदन के समय नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आधार कार्ड, व्यवसाय स्थल के स्वामित्व का प्रमाण, स्वघोषणा पत्र, पार्टनरशिप डीड (यदि लागू हो), यूनिट का फोटो, लेआउट, पानी जांच रिपोर्ट, मंडी लाइसेंस सहित अन्य दस्तावेज लाने होंगे।इस अभियान में थोक व फुटकर व्यापारी, ठेले-फेरी वाले, कैटरिंग सेवाएं, ट्रांसपोर्टर, डेयरी, मेडिकल स्टोर्स, स्कूल-कॉलेज कैंटीन, अस्पताल, चाय-पान की दुकानें, फल-सब्जी, मांस-अंडा विक्रेता, मिठाई-नमकीन व्यवसाय, किराना स्टोर सहित सभी खाद्य कारोबार शामिल हैं। सीएमएचओ ने बताया कि जिन कारोबारियों के पास पहले से लाइसेंस है, वे उसे प्रतिष्ठान में प्रदर्शित करें तथा जिनकी वैधता समाप्त हो चुकी है, वे समय रहते नवीनीकरण कराएं। पूर्विया ने बताया कि 12 लाख रुपए से अधिक वार्षिक टर्नओवर वालों के लिए लाइसेंस शुल्क 2 हजार सालाना,निर्माण इकाइयों के लिए 3 हजार से 5 हजार रुपए सालाना और 12 लाख रुपए से कम टर्नओवर वाले छोटे दुकानदारों व ठेला-फेरी वालों के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क मात्र 100 रुपए सालाना निर्धारित किया गया है।


