नर्मदापुरम शहर के सतरस्ते के पास रविवार को कपड़ों के एक रेडीमेड कपड़ा शोरूम के बाहर ओपनिंग से पहले भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सोशल मीडिया पर प्रचारित भारी छूट के ऑफर का लाभ लेने के लिए 2 हजार से अधिक युवा शोरूम पहुंच गए, जिससे रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाला मार्ग पूरी तरह जाम हो गया। रविवार सुबह करीब 10 बजे से ही युवाओं की भीड़ जुटने लगी थी। 11 बजे जैसे ही शोरूम की शटर खुली, अंदर घुसने के लिए लोगों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। शोरूम के बाहर तैनात बाउंसर भी भीड़ को नियंत्रित नहीं कर पाए। अफरा-तफरी के दौरान शोरूम के बाहर लगे फ्लैक्स भी फाड़ दिए गए। स्थिति बिगड़ने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाने का प्रयास किया। कुछ देर बाद तहसीलदार सरिता मालवीय भी मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने पाया कि शोरूम की ओपनिंग के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और अत्यधिक भीड़ के कारण जन सुरक्षा को खतरा हो सकता था। इसके बाद ओपनिंग से पहले ही शोरूम को सील कर दिया गया, जिससे हालात पर काबू पाया जा सका। भगदड़ की आशंका के चलते शोरूम सील
तहसीलदार सरिता मालवीय ने बताया कि मोनी अमावस्या और रविवार के कारण बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए थे। बिना अनुमति आयोजन किए जाने और भगदड़ की आशंका के चलते शोरूम सील किया गया। वहीं कोतवाली थाना टीआई कंचन सिंह ठाकुर ने बताया कि शोरूम संचालक को भीड़ एकत्र करने को लेकर नोटिस दिया गया है। हजार रुपए में 14 शर्ट्स का दिया था ऑफर
बताया जा रहा है कि शोरूम की फ्रेंचाइजी भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद अजय रतनानी और तपेश गौर ने साझेदारी में ली है। शोरूम की ओपनिंग के लिए इंस्टाग्राम पर रील के जरिए प्रचार किया गया था, जिसमें 500 रुपए में 4 शर्ट, 1000 रुपए में 4 जींस और 1000 रुपए में 14 शर्ट जैसे ऑफर बताए गए थे। ऑफर का लाभ लेने के लिए पेज को फॉलो और सब्सक्राइब करना अनिवार्य रखा गया था। इटारसी, पिपरिया, सोहागपुर के लोग पहुंचे
सस्ते ऑफर के लालच में नर्मदापुरम के अलावा डोलरिया, सोहागपुर, इटारसी, पिपरिया सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। डोलरिया निवासी सालिकराम सेजकर ने बताया कि इंस्टाग्राम पर ऑफर देखकर वे शोरूम पहुंचे थे, लेकिन वहां सील लगी हुई मिली। वहीं शोरूम संचालक एवं भाजपा नेता अजय रतनानी और तपेश गौर ने दावा किया कि उन्होंने भीड़ की संभावना को देखते हुए 15 जनवरी को सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी नर्मदापुरम को पत्र देकर पुलिस व्यवस्था की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त इंतजाम नहीं हो पाए।


