गोसंवर्धन समर्थन के पूर्व अध्यक्ष और विश्व हिंदू परिषद के मार्गदर्शक स्वामी अखिलेशानंदस्वरा ने जातिवाद और छुआछूत को हिंदू समाज के लिए अनुचित बताया है। उन्होंने कहा कि यह न केवल सामाजिक अपराध है, बल्कि धार्मिक और कानूनी रूप से भी गलत है। स्वामी अखिलेशानंदस्वरा ने मदन महल स्थित बेदी नगर में आयोजित विशाल हिंदू महासम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। स्वामी अखिलेशानंदस्वरा ने जोर देकर कहा कि हिंदू समाज को जाति-पांति से ऊपर उठकर एकता और अखंडता बनाए रखनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाज आपस में बंटा रहेगा, तो बाहरी शक्तियां हावी हो जाएंगी। उन्होंने कहा, “बटेंगे तो कटेंगे-शरीर से नहीं, समाज से।” इसलिए सभी हिंदुओं का संगठित और एकजुट रहना आवश्यक है। उन्होंने राजनीतिक दलों पर भी टिप्पणी की। स्वामी अखिलेशानंदस्वरा ने कहा कि राजनीतिक दल अक्सर हिंदुओं को जातियों के आधार पर बांटने का प्रयास करते हैं और इसी आधार पर बयानबाजी करते हैं। उन्होंने समाज से ऐसी साजिशों से सावधान रहने और अपनी सांस्कृतिक व सामाजिक एकता को मजबूत बनाए रखने का आग्रह किया। इस महासम्मेलन के दौरान बेदी नगर के बच्चों ने देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिनकी उपस्थित लोगों ने सराहना की। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद से अजय चौरसिया, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से योगेंद्र कुमार, कुलदीप चतुर्वेदी, नीरज साहू, कुलभूषण महाजन, दादूराम ठाकुर, नारायण पटेल, प्रदीप चतुर्वेदी, दीप्ति पटेल, संजय जयसवाल सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।


