बांसवाड़ा में सदर थाना पुलिस ने जमीनी धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने करीब 40 साल से लापता एक व्यक्ति के नाम पर हमशक्ल खड़ा कर और फर्जी आधार कार्ड तैयार कर लाखों की पुश्तैनी जमीन का सौदा कर दिया। पुलिस के अनुसार- परिवादी विजय यादव निवासी तलवाड़ा को पटवारी के माध्यम से सूचना मिली कि उनके लापता चाचा रामा यादव की जमीन का नामांतरण (म्यूटेशन) होने वाला है। विजय ने जब रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि उनके चाचा रामा, जो पिछले करीब 40 सालों से लापता हैं और जिनका कोई अता-पता नहीं है, उन्होंने अचानक प्रकट होकर अपनी जमीन दिलीप परिहार नामक व्यक्ति को बेच दी है। फर्जी आधार बनाकर कर रहे थे बेचान
जांच में सामने आया कि भू-माफियाओं ने लापता रामा यादव की जगह डोरिया रेल निवासी रामा पुत्र कानजी आदिवासी को खड़ा कर दिया। जालसाजों ने रामा का एक फर्जी आधार कार्ड भी बनवाया, जिस पर जारी होने की तारीख 2015 और अपडेट की तारीख जनवरी 2025 दर्ज थी, ताकि रजिस्ट्री के समय कोई शक न कर सके। इस साजिश में सुनील निनामा और बहादुर नामक युवकों ने मुख्य भूमिका निभाई और फर्जी विक्रेता के जरिए जनवरी 2025 में उप पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्री करवा दी। सदर थानाधिकारी रूपसिंह के नेतृत्व में टीम ने जांच करते हुए फर्जी विक्रेता बनकर जमीन बेचने वाले आरोपी रामा(60) पुत्र कानजी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस की कार्रवाई टीम में एसआई महेंद्र कुमार, कॉन्स्टेबल यशवर्धन सिंह और सुरेंद्र सिंह शामिल रहे।


