ग्वालियर में रविवार शाम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं प्रभु श्रीराम की आरती का आयोजन किया गया। श्रीराम मंदिर की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में साहित्य, भक्ति और राष्ट्रभाव का प्रभावशाली संगम देखने को मिला। पद्मश्री कवि सुरेंद्र शर्मा सहित देशभर से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु श्रीराम और माता सीता की आरती से हुआ, जिससे पूरा सभागार श्रद्धा और आस्था से सराबोर हो गया। इसके बाद कवि सम्मेलन का सिलसिला शुरू हुआ। पाकिस्तान से कहिए.. आखिरी लड़ाई लड़ते हैं
कवि सुरेंद्र शर्मा ने अपने चर्चित हास्य-व्यंग्य से श्रोताओं को खूब हंसाया। उन्होंने कहा, “हम ईश्वर से चाहते हैं, ईश्वर को नहीं चाहते। अगर ईश्वर को चाहते, तो धर्म के नाम पर दंगे-फसाद नहीं होते।” कवि सुरेंद्र शर्मा ने कहा, “मैं तो मोदी जी से कहता हूं, जाइए पाकिस्तान और कहिए आखिरी लड़ाई लड़ते हैं। पहले तुम अपने मुल्क की गरीबी मिटाओ या हम। क्यों न गोलियों का खर्च रोटियों पर हो जाए।” उन्होंने कहा कि जितने भी युद्ध हुए हैं, वे महिलाओं ने ही करवाए हैं और बाद में कभी सॉरी भी नहीं बोलीं। इसी क्रम में उन्होंने कहा, “मैं तो देश में पतियों के लिए अंबेडकर हूं। यह बेचारा शोषित समाज कभी अपने लिए खड़ा ही नहीं हो पाया, जिनके लिए मैंने आवाज उठाई है।” डॉ. सुरेंद्र शर्मा की इन टिप्पणियों पर सभागार ठहाकों और तालियों से गूंज उठा। मम्मी क्यों बीच में पढ़ाई बंद कर दी
उपेंद्र पांडे ने राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत पंक्तियों का पाठ किया। कल्पना शुक्ला ने सामाजिक संवेदनाओं को छूती कविता “मम्मी क्यों बीच में पढ़ाई बंद कर दी…”—सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। योगेंद्र शर्मा के ओजपूर्ण काव्य “मेरी कविता भारत माता का जय-जयकार करेगी” पर सभागार देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। कानपुर से आए हास्य कवि हेमंत पांडे ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया। शैलेन्द्र मधुर ने राम-भक्ति पर आधारित काव्यपाठ किया, वहीं राजेश अग्रवाल ने जीवन में रामत्व उतारने का संदेश दिया। कार्यक्रम संयोजिका श्वेता सिंह ने “हमारे राम, तुम्हारे राम” का पाठ कर भावपूर्ण वातावरण बनाया। हास्य कवि प्रवीण शुक्ला की रचना “अयोध्या धाम पधारे, हमारे राम पधारे” को विशेष सराहना मिली। शृंगार रस में अंकिता सिंह और गजेंद्र सोलंकी की प्रस्तुतियों ने भी श्रोताओं से भरपूर तालियां बटोरीं। श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक
मानव हैप्पीनेस फाउंडेशन संस्था के अध्यक्ष लोकेंद्र पाराशर ने प्रस्तावना रखते हुए बताया कि यह आयोजन अयोध्या में श्रीराम मंदिर की द्वितीय वर्षगांठ के उपलक्ष्य में श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। संस्था की सचिव श्वेता सिंह ने अतिथि कवियों का स्वागत किया।


