राजधानी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव कम करने और पश्चिमी व उत्तरी क्षेत्र काे जोड़कर विकास को नई गति देने के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा सकता है। उत्तरी रिंग रोड के बनने के बाद अजमेर रोड (हीरापुरा) से सीकर रोड तक एक्सप्रेस-वे को इनर रिंग रोड की तर्ज पर विकसित किया जा सकता है। इससे 500 से अधिक कॉलोनियों के 15 लाख लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही पश्चिमी जयपुर में
नए आवासीय और व्यावसायिक विकास को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। यह नया ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान जयपुर के शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। सीधा जुड़ाव- मानसरोवर, चित्रकूट, वैशाली नगर, सिरसी रोड, झोटवाड़ा, कालवाड़ रोड, मुरलीपुरा, दादी का फाटक, सीकर रोड और दिल्ली रोड सीधे आपस में जुड़ जाएंगे। भीतरी मार्गों पर दबाव कम: इस बदलाव से शहर के अंदरूनी मार्गों पर ट्रैफिक का भारी दबाव काफी कम हो जाएगा। 40 हजार वाहनों का प्रवेश रुकेगा। स्थानीय लोगों को राहत: वर्तमान में दिल्ली रोड से एक्सप्रेस-वे होकर अजमेर रोड की ओर रोजाना करीब 40 हजार वाहन गुजरते हैं। उत्तरी रिंग रोड पूरी शुरू होने के बाद वाहनों का शहर में प्रवेश कम हो जाएगा। एक्सप्रेस-वे का उपयोग बढ़ने से सर्विस लेन पर भी ट्रैफिक कम होगा। यहां मिलेगी कनेक्टिविटी योजना से कालवाड़, सिरसी रोड, गोविंदपुरा, धावास, निवारू, दादी का फाटक, मुरलीपुरा, चरण नदी इलाके का क्षेत्र सीधे तौर पर जुड़ जाएगा। इससे अजमेर रोड और सीकर रोड के बीच यातायात पूरी तरह सुगम हो जाएगा। इनर रिंग ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए गेम चेंजर होगी


