भास्कर न्यूज | जालंधर विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को लेकर विद्या धाम में प्रेस वार्ता की गई। इस अवसर विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री देशराज शर्मा, उत्तर क्षेत्र के सह संगठन मंत्री बालकिशन, महामंत्री दिलाराम चौहान और विद्या भारती पंजाब के महामंत्री संदीप धुडिया मौजूद रहे। उन्होंने उत्तर क्षेत्र की शैक्षिक परिषदों के गठन और उनकी कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी। राष्ट्रीय महामंत्री शर्मा ने बताया कि विद्या भारती देशभर में औपचारिक और अनौपचारिक रूप से कीरब 24,000 शिक्षण संस्थानों का संचालन कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की अवधारणाओं को पहुंचाने के लिए अखिल भारतीय स्तर पर शैक्षिक परिषदों का गठन किया जा रहा है। इसमें करीब 80 शिक्षाविद् और विषय-विशेषज्ञ शामिल होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख आयाम क्रिटिकल थिंकिंग, जॉयफुल लर्निंग, लाइफ-लॉन्ग लर्निंग तथा स्किल-बेस्ड एजुकेशन को व्यवहारिक रूप से लागू करने के लिए हेतु स्कूल और क्षेत्र स्तर पर स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इसमें प्रिंसिपल से लेकर, टीचर्स, एनसीईआरटी, डायट और सेवानिवृत्त शिक्षाविद्ों के अनुभव शामिल होंगे। विद्या भारती ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत की प्राचीन एवं सांस्कृतिक शिक्षा परंपराओं- गुरुकुल प्रणाली, पारिवारिक संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों को आधुनिक शिक्षा की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए ऐसे नागरिकों का निर्माण किया जाए, जो केवल रोजगार खोजने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले, राष्ट्रभक्त एवं समाज के प्रतिशत उत्तरदायी हों। जानकारी प्राप्त करते हुए संस्था के सदस्य।


