भास्कर न्यूज | बाड़मेर घुमंतू समुदाय विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू के व्यक्तियों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से बाड़मेर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सहायता शिविरों का आयोजन सोमवार से होगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक सुरेंद्र प्रतापसिंह भाटी ने बताया कि बाड़मेर जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायत समितियों, नगर परिषद तथा नगर पालिका में 19 से 30 जनवरी तक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शिविर लगाए जाएंगे। उनके मुताबिक पंचायत समिति बाड़मेर एवं बाड़मेर ग्रामीण में 19 जनवरी, आडेल में 20, चौहटन में 21, सेड़वा में 22, फागलिया में 23, रामसर में 27, शिव में 28, गडरारोड में 29, धनाऊ एवं बायतु में 30 जनवरी को शिविर लगेंगे। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में नगर परिषद बाड़मेर में 20, नगर पालिका चौहटन में 21 जनवरी को शिविर आयोजित होंगे। इसके लिए जिला कलेक्टर टीना डाबी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए उसकी क्रियान्विति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में घुमंतू समुदाय के व्यक्तियों के पहचान दस्तावेज तैयार कराए जाएंगे। शिविर में घुमंतू समुदाय के व्यक्तियों के लिए ऑनलाइन घुमंतू पहचान प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, मतदाता पहचान-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, जन आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बाड़मेर जिले में घुमंतू समुदाय की 9 विमुक्त जातियों, 10 घुमंतू जातियों और 13 अर्द्ध धुमंतू जातियों समेत 32 जातियों के लोगों को पहचान प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज बनवाने पर केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से ऐसे परिवारों और व्यक्तियों को जिनके पास स्वयं का पक्का आवास नहीं है, स्थायी आश्रय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पक्का मकान निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपए की अनुदान सहायता राशि प्रदान की जाती है।


