बाड़मेर–बालोतरा में वन विभाग की 22 नर्सरियों में 25 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। विभाग आगामी मानसून और पौधरोपण सीजन के लिए 18 लाख पौधे हरित संकल्प के तहत वितरित करेगा। वहीं विभाग की ओर से वन क्षेत्र सहित ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में करीब 7 लाख पौधे लगाए जाएंगे। रेगिस्तान के प्रतिकूल मौसम में पनपने वाले रोहिड़ा और कुमट के पौधों का बीजारोपण फरवरी माह से शुरू होगा। लोगों को पौधे 3 फीट से अधिक ऊंचाई के उपलब्ध होंगे। विभाग की निर्धारित 5 से 50 रुपए दर तक पौधे वितरित किए जाएंगे। चौहटन रेंज में बिंजासर में नर्सरी बनाई गई है। ऐसे में अब जिले की 14 नर्सरियों से 12.11 लाख पौधे लोगों को वितरित किए जाएंगे। बायतु रेंज में कानोड़ व सिवाना रेंज में समदड़ी में नई नर्सरी बनाई जा रही है। बालोतरा की 8 नर्सरियों के माध्यम से लगभग 5 लाख उत्तम किस्म के पौधे तैयार हो रहे हैं। इसमें नीम, पीपल, गुंदा, गुंदी, गुलमोहर, सिरेस, बरगद सहित फूलदार व फलदार प्रजातियों के पौधे होंगे। विभाग की ओर से बाड़मेर में 1170 हेक्टेयर भूमि में करीब 5.47 लाख पौधे तथा बालोतरा में 930 हेक्टेयर भूमि पर 3.85 लाख पौधे लगाने के साथ हरित आवरण तैयार किया जाएगा। पशुओं के लिए चारागाह विकास कार्यक्रम के अंतर्गत बाड़मेर में 25 हेक्टेयर तथा बालोतरा में 85 हेक्टेयर भूमि पर चारागाह विकसित किए जाएंगे। हाइवे के दोनों तरफ विकसित होगी हरित पट्टी, मिलेगा सुकून वन विभाग नेशनल हाइवे को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में तैयार कर रहा है। बाड़मेर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 68 व 25 पर 160 किमी पर हरित पट्टी विकसित करने के लिए 91 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। वहीं बालोतरा जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग 25 व 754 पर 100 किमी तक 40 हजार पौधे लगाने का कार्य जारी है। अब हाइवे किनारे 260 किमी लंबाई में 1 लाख 31 हजार पौधे लगाकर ग्रीन पट्टी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि यात्रियों को भी राहत मिलेगी। बाड़मेर व बालोतरा में 3 नई नर्सरियां तैयार करवाई जा रही हैं। आगामी सीजन के लिए वन विभाग की 22 नर्सरियों में 25 लाख पौधे तैयार हो रहे हैं। इनमें 18 लाख पौधे लोगों को वितरित करने के साथ करीब 7 लाख का पौधरोपण विभाग की ओर से करवाया जाएगा। हाइवे किनारे 260 किमी तक हरित पट्टी विकसित करने के लिए करीब 1.31 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। — सविता दहिया, डीएफओ बाड़मेर


