शेयर मार्केट-रियल एस्टेट के नाम पर 30 करोड़ की ठगी:हर महीने 15% मुनाफा का लालच दिया, किसान ने धान बेचकर दिए पैसे दिए

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शेयर मार्केट और रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 30 करोड़ रुपए की ठगी की गई है। लोगों को हर महीने 15% मुनाफा का लालच देकर पैसे लिए गए। इस मामले में पुलिस ने रविवार को मास्टरमाइंड आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला अकलतरा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी का नाम प्रमोद कुमार वैष्णव (40) है। जो कि अकलतरा का रहने वाला है। वह खुद को शेयर मार्केट और रियल एस्टेट का कारोबारी बताता और लोगों को भरोसा में लेने के लिए इकरारनामा और बैंक चेक भी देता था। इस तरह आरोपी ने बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और कोरबा में लोगों से 30 करोड़ रुपए की ठगी की। पीड़ित किसान महेन्द्र कुमार कश्यप (40) ने बेटी की शादी के लिए धान बेचकर जमा किए गए 10 लाख रुपए आरोपी को दे दिए। जिसके बाद वह मोबाइल बंद कर फरार हो गया था। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार ठगी के पैसों से खरीदी गई 2 कार और बाइक जब्त की है। इस मामले में एक अन्य आरोपी फरार चल रहा है, जिसकी तलाश की जा रही है। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, महेन्द्र कुमार कश्यप पेशे से किसान हैं। वो परिवार के साथ ग्राम कामता में रहते हैं। उन्होंने दिसंबर 2025 को थाने में लिखित आवेदन दिया था। जिसमें बताया गया था कि वह प्रमोद कुमार वैष्णव ने जून 2024 में संपर्क किया और खुद को रियल एस्टेट और शेयर मार्केट का कारोबारी बताया। हर महीने 15 प्रतिशत मुनाफा देने का लालच दिया। भरोसा दिलाने के लिए प्रमोद वैष्णव ने इकरारनामा और एचडीएफसी बैंक का 10 लाख रुपए का चेक भी दिया। महेन्द्र कश्यप ने बेटी की शादी के लिए धान बेचकर जमा किए गए 10 लाख रुपए कैश प्रमोद को दे दिए। कुछ समय बाद प्रमोद का मोबाइल बंद आने लगा और वह घर से भी फरार पाया गया। लोगों से पूछताछ में हुआ ठगी का खुलासा जब महेन्द्र ने लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि प्रमोद ने इसी तरह चोरभट्टी के रहने वाले कौशल प्रसाद कश्यप से 10 लाख और हीरा लाल कश्यप 5 लाख रुपए ठगे हैं। प्रमोद ने दोनों को चेक और इकरारनामा भी दिया था। आसपास पूछताछ करने पर पता चला कि प्रमोद ने बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और कोरबा में 10-15 लोगों से भी पैसे लिए हैं। जांजगीर चांपा समेत कोरबा-बिलासपुर में 30 करोड़ ठगे पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। जांच में सभी तथ्य सही पाए गए। इसके बाद पुलिस ने 17 जनवरी 2026 को आरोपी के खिलाफ धारा 420 तहत केस दर्ज करते हुए शुरू की। रविवार को पुलिस ने आरोपी को अकलतरा से हिरासत में लिया है। पूछताछ में आरोपी ने कोरबा, जांजगीर-चांपा और बिलासपुर जिलों में 30 करोड़ की ठगी करना स्वीकार किया। चल-अचल संपत्तियों की जांच जारी पुलिस ने आरोपी के पास से दो कार और एक बाइक जब्त की है। जिसकी कीमत 20 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा आरोपी की अन्य चल-अचल संपत्तियों की जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि इस ठगी गिरोह में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। ……………………………………………… क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर से 1.28 करोड़ की ठगी:आरोपी ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अफसर बताया; डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया राजधानी रायपुर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर से 1.28 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की गई है। ठग ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…

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