आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मास्टर प्लान में आरक्षित भूमि पर केंद्रीय बस स्टैंड के निर्माण और जंक्शन स्थित वर्तमान रोडवेज बस स्टैंड को यथावत रखने की मांग की गई। आप जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बेनीवाल ने बताया कि 8 अगस्त 2022 को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में जंक्शन के रोडवेज बस स्टैंड को मास्टर प्लान-2035 में आरक्षित भूमि, अबोहर बाइपास जंक्शन पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद रोडवेज प्रबंधन ने वर्तमान बस स्टैंड को रोडवेज डिपो में शिफ्ट करने का प्रस्ताव जयपुर भेजा था। यह निर्णय बस स्टैंड के भीड़भाड़, भारी वाहनों की आवाजाही और दुर्घटनाओं की आशंका को आधार बनाकर लिया गया था। बेनीवाल ने कहा कि यदि बस स्टैंड को रोडवेज डिपो में स्थानांतरित किया जाता है, तो वर्तमान समस्याओं से कहीं अधिक गंभीर हालात पैदा होंगे। रोडवेज डिपो में पहले से वर्कशॉप, तेल डिपो और कार्यालय स्थापित हैं, जहां अतिरिक्त बस स्टैंड संचालन के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इसके अलावा डिपो के सामने रेलवे ओवरब्रिज होने से पहले ही यातायात दबाव रहता है। ऐसे में दिनभर बसों की आवाजाही से जाम और दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि जंक्शन बस स्टैंड अपने वर्तमान स्थान पर उपयुक्त है। इसे हटाने से वर्षों से बस स्टैंड पर निर्भर टी-स्टॉल संचालक, ठेले वाले, फल-सब्जी विक्रेता, हॉकर और आसपास के बाजार के दुकानदार बेरोजगार हो जाएंगे। साथ ही, 8 अगस्त 2022 के निर्णय से पहले आमजन की राय भी नहीं ली गई थी, जिससे लोगों में रोष है। आप ने मांग की कि पूर्व मास्टर प्लान में टाउन-जंक्शन रोड पर घग्घर नदी पुल के पास केंद्रीय बस स्टैंड के लिए आरक्षित भूमि पर नया केंद्रीय बस स्टैंड बनाया जाए और जंक्शन का वर्तमान बस स्टैंड यथावत रखा जाए। इस अवसर पर राजवीर माली, लीलाधर भाट, महावीर जांगिड़, दयानंद झा, जयपाल स्वामी, अजय कुमार, विजय कुमार और अनिल शर्मा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


