लुधियाना बस स्टैंड को विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों (दिव्यांगों) के लिए सुलभ और समावेशी बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। सोमवार को डिप्टी कमिश्नर ने बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि काम में गुणवत्ता और नियमों का पूरा पालन होना चाहिए। यह प्रोजेक्ट जिला प्रशासन द्वारा एक्ट ह्यूमन फाउंडेशन के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसका मकसद सार्वजनिक परिवहन को हर वर्ग के लिए आसान बनाना है। पहले फेज में मिलेंगी ये खास सुविधाएं प्रोजेक्ट के पहले चरण में बस स्टैंड की सूरत बदली जा रही है। इसमें मुख्य रूप से ये टैक्टाइल मार्ग जैसे दृष्टिबाधित लोगों के चलने के लिए विशेष टाइल्स वाला रास्ता।साथ ही नेत्रहीन यात्रियों के लिए ब्रेल लिपि में सूचना बोर्ड। और दिव्यांगों के अनुकूल शौचालय, जिनमें इमरजेंसी अलार्म सिस्टम और सुरक्षा रेलिंग लगी होगी। इसके अलावा व्हीलचेयर यूजर्स की आसान आवाजाही के लिए बेहतर ढाल वाले रैंप। जैसी सुविधाएं शामिल होंगी 5,000 यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा प्रशासन का अनुमान है कि पहले चरण का काम पूरा होने के बाद रोजाना करीब 5,000 से ज्यादा यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। इससे न केवल सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि दिव्यांग यात्रियों का सफर भी सम्मानजनक और सुगम होगा। अगले फेज में बसों तक पहुंचेगी सुविधा DC ने बताया कि दूसरे चरण में इस सुलभता का विस्तार सीधे सार्वजनिक परिवहन बसों तक किया जाएगा। यानी केवल बस स्टैंड ही नहीं बल्कि बसों के अंदर चढ़ने और बैठने की व्यवस्था को भी दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जाएगा। DC लुधियाना बोले हमारा लक्ष्य एक ऐसा बुनियादी ढांचा तैयार करना है जहां हर नागरिक को समान अवसर और सम्मान मिले। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यूनिवर्सल एक्सेसिबिलिटी नियमों का सख्ती से पालन करें और काम समय सीमा के भीतर पूरा करें। समन्वय के लिए विशेष टीम तैनात इस पूरी पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए श्रीमती तनशीन कौर विभिन्न विभागों और साझीदार संगठनों के साथ तालमेल बिठा रही हैं। जिला प्रशासन ने दोहराया कि शहर के सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को समावेशी बनाना उनकी प्राथमिकता है।


