विश्व प्रसिद्ध पाली के जाडन स्थित ओम आश्रम के स्वामी महेश्वरानंद के 5 विदेशी शिष्यों के खिलाफ आश्रम के ही संत फूलपुरी ने शिवपुरा थाने में मामला दर्ज करवाया है। जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की है। पुलिस के अनुसार आश्रम के संत फूलपुरी ने रिपोर्ट दी। जिसमें आरोप लगाया कि वर्तमान में जाडन आश्रम में रहने वाली ज्ञानेश्वर पुरी, पूर्व में क्रोएशियन नागरिक, प्रेमानंद, ऑस्ट्रियाई नागरिक, इरा रैंडिक टोमासिक, क्रोएशियन नागरिक उर्फ अग्नि देवी, उमा पुरी, विदेशी नागरिक और निरजन, इंगेरियन नागरिक अवैध रूप से आश्रम एवं ट्रस्ट के प्रशासन में हस्तक्षेप किया है। महामडलेश्वर परमहंस स्वामी महेश्वरानद महाराज के जीवन एव स्वास्थ्य को गभीर खतरे में डाला है। मेरे साथ मारपीट व धमकी दी है तथा वीजा की शर्तों का खुला उल्लंघन करते हुए भारत में अवैध रूप से निवास एवं संचालन कर रहे हैं। आरोप- धमकाया, मारपीट की
रिपोर्ट में बताया 11 जनवरी 2026 को स्वामी द्वारा नियुक्त विधिवत समिति ने एक वैध प्रस्ताव पारित किया। जिसके तहत ट्रस्ट ट्रस्ट के बैंक खातों के संचालन के लिए स्वामी अवतार पुरी एवं उन्हें (स्वामी फूलपुरी) अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता नामित करने का निर्णय लिया गया। इस प्रस्ताव के अनुपालन में आवश्यक दस्तावेज़ एक अधिवक्ता द्वारा स्वामीजी के हस्ताक्षर के लिए नेमीचंद चौपड़ा के निवासी लाए गए। क्योंकि स्वामीजी दोपहर के भोजन के लिए वहां थे।
इसकी जानकारी मिलने पर उमा पुरी एवं निरंजन ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। ट्रस्ट के कार्यों में बाधा उत्पन्न की और धमकाया। आश्रम लौटा, तो इरा रैंडिक टोमासिक उर्फ अग्नि देवी ने हमला कर मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। यह भी पढ़े – *विदेशी सेविका बोली- महामंडलेश्वर की जान को खतरा:* आश्रम के संत और समाजसेवी ने खाने पर बुलाकर प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट पर अंगूठा लगवाया पूर्व में कोतवाली थाने में हुआ मामला दर्ज
बता दे कि ओम आश्रम के संत फूलपुरी और समाजसेवी नेमीचंद चौपड़ा के खिलाफ गत दिनों कोतवाली थाने में ओम आश्रम की ही उमा पुरी ने मामला दर्ज करवाया था। जिसमें आरोप लगाया था कि महामंडलेश्वर को मानसिक सेहत ठीक नहीं होने के बावजूद उन्हें बाहर निकालकर स्वामीजी के अंगूठे प्रोपर्टी के कई दस्तावेजों पर लिए गए।


