लाखाराम जाखड़ | बाड़मेर मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत सोमवार को आपत्तियों को दर्ज करवाने का अंतिम दिन था। यानि मतदाता सूची में नाम गलत है, या किसी अपात्र का नाम जुड़ा है, या किसी का नाम मतदाता सूची से हट गया है तो संबंधित फॉर्म (जैसे फॉर्म 6, 7 या 8) भरकर ऑनलाइन या बीएलओ के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। बाड़मेर जिले में बीएलए-2 यानि बूथ लेवल एजेंट के माध्यम से हजारों की संख्या में प्रपत्र- 6, 7, 8 भरकर जमा करवाए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा प्रपत्र-7 भरने में किया गया है। कांग्रेस की ओर से काफी समय से फर्जीवाड़े को लेकर आरोप लगाए जा रहे थे। इसको लेकर बाड़मेर जिले में लगातार प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जा रहे हैं। जिले की चौहटन विधानसभा में हजारों की संख्या में ऐसे फर्जी प्रपत्र-7 भरे गए है। जो व्यक्ति गांव में मतदाता होने के बावजूद भी उनके नाम काटने के लिए आवेदन किया। आवेदन जिस बीएलए के नाम से किया है, वो कहते हैं कि उन्होंने इस तरह का कोई आवेदन ही नहीं किया और उनके फर्जी हस्ताक्षर किए है। चौहटन, बाड़मेर, शिव, बायतु, गुड़ामालानी सहित प्रत्येक विधानसभा में इस तरह के प्रपत्र-7 में फर्जीवाड़ा करके हजारों की संख्या में मतदाताओं के नाम काटने के लिए आवेदन किए है। हरपालिया के भाजपा बीएलए-2 आसूराम का कहना है कि उनके बूथ संख्या 237 विधानसभा चौहटन से 151 प्रपत्र-7 भरकर नाम हटाने के लिए आवेदन किए गए। जबकि उन्होंने इस तरह का कोई आवेदन नहीं किया। फर्जी साइन से 353 लोगों फार्म भरे: इसी तरह भाजपा बीएलए रोशन खां का कहना है कि हरपालिया के बूथ संख्या 238 से उनके नाम से 353 लोगों के फॉर्म-7 भरा गया गया है। जबकि उसे जानकारी नहीं है। फर्जी हस्ताक्षर है। लोगों के नाम काटने के पीछे की वजह श्रीगंगानगर शिफ्ट होना बताया गया है, जबकि सभी लोग गांव में बैठे है। हरपालिया से 504 लोगों के नाम काटने के लिए आवेदन किया गया है, जो फर्जी है। जानपालिया के बूथ संख्या 157 के बीएलए-2 कृष्ण कुमार का कहना है कि उसके नाम से 87 लोगों के फॉर्म-7 भरे गए है। इन लोगों के नाम काटने के लिए भरे गए फॉर्म में इनका श्रीगंगानगर शिफ्ट होना बताया गया। फॉर्म पर मेरे साइन फर्जी है। हमने इसकी आपत्ति जताई है। हमने इस तरह का कोई आवेदन नहीं किया है। इसी तरह सुभान खां का कहना है कि जानपालिया, सरायो का तला, हुसैन का तला से निर्वाचन सूची में 205 सदस्यों को स्थाई रूप से हटाने के लिए आवेदन किया गया। जबकि उनकी तरफ से इस तरह के कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किया। इसको लेकर बीएलए खुद आपत्ति जताने के लिए इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे है। दर्जनों प्रार्थना पत्र मुकदमा दर्ज करने के लिए निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए है। प्रपत्र-7 फॉर्म मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल करने पर आपत्ति जताने या किसी मौजूदा नाम को हटाने के लिए भरा जाता है। प्रपत्र-7 केवल उसी व्यक्ति का भरा जा सकता है जिसका नाम उस निर्वाचन क्षेत्र की वर्तमान मतदाता सूची में पहले से दर्ज है। एक बीएलए-2 एक ही दिन में सिर्फ 10 आवेदन ही कर सकता है। इसके लिए भी शपथ पत्र देना होता है। जबकि बाड़मेर जिले की कई विधानसभाओं में प्रपत्र-7 भरने में एक ही दिन में कई बूथों पर एक ही बीएलए के नाम से 100 से 400 मतदाताओं के नाम काटने के लिए आवेदन हुए हैं।


