आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर निर्वाचन कार्य ठप होने की आशंका

भास्कर संवाददाता | रायसेन जिले में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी सोमवार 19 जनवरी से पांच दिन की सामूहिक हड़ताल पर चले गए। यह हड़ताल सामान्य निर्वाचन कार्य और विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के दौरान अत्यधिक कार्यभार, लंबित भुगतान और शासन स्तर पर कार्रवाई न होने के विरोध में की गई है। हड़ताल से जिले में निर्वाचन संबंधी कार्य प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारियों ने बताया कि वे वर्ष 2017-18 से लगातार निर्वाचन और कार्यालयीन कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत उनसे दिन-रात काम लिया जा रहा है। अत्यधिक कार्य के कारण वे मानसिक रूप से परेशान हैं। परिवार को समय नहीं दे पा रहे। इसके बावजूद उन्हें कार्यालयीन समय से अधिक काम करने पर कोई अतिरिक्त मानदेय नहीं मिल रहा। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें 11 माह का एरियर अब तक नहीं मिला। श्रम आयुक्त इंदौर और उच्च न्यायालय जबलपुर इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद शासन और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी स्तर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ये हैं प्रमुख मांगे हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में आउटसोर्स फर्म को हटाकर मानदेय का सीधा भुगतान, हाईकोर्ट के निर्देशानुसार 11 माह के एरियर का भुगतान, अतिरिक्त कार्य के बदले अतिरिक्त मानदेय, योग्यता और पद के अनुसार कार्य निर्धारण और शैक्षणिक योग्यता व अनुभव के आधार पर संविदा नियमितीकरण शामिल हैं।

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