ईंट भट्टा संचालकों को मिट्टी खनन की लेनी होगी पर्यावरण स्वीकृति

झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को ईंट निर्माण के लिए मिट्टी के खनन के लिए पर्यावण स्वीकृति के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस एके राय की अदालत ने सुनवाई के बाद कहा कि ईंट निर्माण के लिए मिट्टी का खनन करने पर अब पर्यावरण स्वीकृति और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संचालन की अनुमति (सीटीओ) लेना अनिवार्य होगा। ईंट भट्ठा संचालकों को अपनी कमाई का निर्धारित हिस्सा डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) में भी जमा करना होगा। इसके साथ ही अदालत ने ईंट भट्टा संचालकों की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि ईंट बनाने में उपयोग होने वाली मिट्टी लघु खनिज की श्रेणी में आती है। इसलिए उस पर झारखंड माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स, 2004 पूरी तरह लागू होंगे। ईंट निर्माण की प्रक्रिया मिट्टी के उत्खनन से शुरू होती है, इसलिए मिट्टी निकालने और ईंट बनाने की प्रक्रिया को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। अदालत ने कहा कि ईंट भट्ठा संचालकों को भी अन्य खनन गतिविधियों की तरह इस फंड में योगदान देना होगा।

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