बृजमोहन शर्मा/अलवर| दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से राहत के लिए एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप के चौथे चरण की पाबंदियां लागू होते ही शहर में विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। एनसीआर में शामिल होने का खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पहले ही समय पर काम पूरे नहीं होने से कई योजनाएं अधर में लटकी थीं, अब ग्रेप की पाबंदियों ने रही-सही गति भी रोक दी है। हालात यह हैं कि कहीं सड़क पर डिवाइडर का काम रुक गया है तो कहीं सीवर लाइन के लिए की गई खुदाई जस की तस पड़ी है। अधिकारियों की ओर से काम रुकने की सीधी वजह ग्रेप की पाबंदियों को बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले बारिश को बहाना बनाया गया, उसके बाद ग्रेप लागू होने का हवाला देकर काम रोक दिए गए। अब एक बार फिर पाबंदियां लगते ही कुछ जगहों पर शुरू हुए कार्य भी बंद कर दिए गए हैं। दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में है, जहां ग्रेप की सख्ती जरूरी मानी जा रही है, लेकिन अलवर में स्थिति अलग है। यहां बीते दो दिनों में एक्यूआई क्रमश: 137 और 142 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में नहीं आता। इसके बावजूद शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का सवाल है कि जब प्रदूषण स्तर अपेक्षाकृत कम है, तो फिर यहां काम क्यों रोके जा रहे हैं। 2024 में शुरू हुआ सीवर प्रोजेक्ट, गड्ढे खोदकर छोडे़ नगर निगम की ओर से 138 करोड़ रुपए की लागत से वर्ष 2024 में सीवर लाइन का काम शुरू किया गया था। शुरुआत के कुछ समय बाद ही इसे रोक दिया गया। फिर काम शुरू हुआ और अब एक बार फिर ग्रेप की पाबंदियों के चलते ब्रेक लगा दिया गया है। जवाहर नगर, मूंगस्का, धूंसर वाला कुआं, पहाड़गंज, खदाना मोहल्ला सहित कई इलाकों में सड़कों की खुदाई कर दी गई, लेकिन आगे का काम अधूरा पड़ा है। जगह-जगह खुले गड्ढों के कारण वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई है और हादसों का खतरा बना हुआ है। एनईबी विस्तार में बना डिवाइडर आफत हाउसिंग बोर्ड की ओर से एनईबी विस्तार से अंडरपास तक करीब 37 लाख रुपए की लागत से सड़क डिवाइडर निर्माण का काम शुरू कराया गया था। यह काम करीब पांच महीने की देरी से शुरू हुआ। सात दिन पहले ही सड़क की खुदाई की गई, जबकि सड़क की हालत पहले ठीक थी। खुदाई के बाद सड़क पर रोड़ी और पत्थर बिखर गए, जिससे वाहन फिसलने लगे। अब ग्रेप की पाबंदियों के चलते यह काम भी बीच में ही रोक दिया गया है और सड़क बदहाल हालत में छोड़ दी गई है। हेमंत गुप्ता ने बताया कि सड़क पहले अच्छी स्थिति में थी। डिवाइडर के लिए खोदने के बाद अब पूरी सड़क खराब हो गई है। ^सीवर का काम कुछ क्षेत्रों में शुरू किया। फिर से ग्रेप की पाबंदियों के कारण इसे रोक दिया है। हटते ही शुरू कराया जाएगा।- सोहन सिंह नरूका, आयुक्त, नगर निगम 37 लाख की लागत से डिवाइडर निर्माण का काम एनईबी विस्तार से अंडर पास तक के लिए शुरू कराया गया था, रोकना पड़ा हैं। -प्रभुदयाल, एक्सईएन, हाउसिंग बोर्ड ^पीडब्लूडी की ओर से जिन कामों का वर्क आर्डर दिया गया था। वे अब रोक दिए गए हैं। ग्रेप की पाबंदियां हटने के बाद शुरू किए जाएंगे। – भूरी सिंह चौधरी, एसई, पीडब्लूडी


