अलवर| भूगोर तिराहे का नाम कप्तान छुट्टन लाल के नाम पर करने और उनकी मूर्ति लगाने की मांग को लेकर सोमवार को मीणा समाज ने सचिवालय गेट के बगल में टेंट लगाकर धरना देकर प्रदर्शन किया। श्री कप्तान छुट्टन लाल आदिवासी संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि पिछले 8 साल से लगातार मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। नरेंद्र मीणा ने बताया कि कप्तान छुट्टन लाल मीणा समाज के महान पुरुष रहे हैं। शहर में अन्य महापुरुषों की मूर्तियां चौराहों पर लगी हुई है। सड़कों का नामकरण भी उनके नाम पर है। पहले इस मांग को लेकर प्रशासन स्तर पर सहमति भी बन चुकी थी, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा एनओसी नहीं दिए जाने के कारण मामला अटका हुआ है। क्योंकि भूगोर तिराहे पर सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है। मीणा समाज की मांग है कि यदि उस स्थान पर मूर्ति लगाना संभव नहीं है तो पीडब्ल्यूडी की किसी अन्य भूमि का आवंटन किया जाए और भूगोर तिराहे का नाम बदलकर कप्तान छुट्टन लाल तिराहा किया जाए। लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी की अगर 10 दिन में मांग पर निर्णय नहीं लिया गया तो समाज अनिश्चितकालीन धरना देगा। समिति ने एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर विश्राम मीणा, संतोष, दिनेश छाजूरामपुरा, अर्जुन कैरवाडा, संध्या मीणा, अनूप, राजेश मीणा, सुखदेव जामडोली, रामराज, लेखराज, पिंटू, अशोक, भरत, गोविंद, निखिल व गौरव सहित अनेक समाज के लोग उपस्थित रहे। अलवर। धरना देते समाज के लोग।


